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विधायकों के बेटों को नौकरी देने पर विवाद: प्रताप बाजवा ने नौकरी छोड़ने की अपील की, कहा- यही सच्चा सम्मान

Mon, 21 Jun 2021 02:14 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

दो विधायकों के बेटों को नौकरी देने का फैसला मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के लिए ही मुसीबत का सबब बन गया था। विपक्ष के कड़े विरोध के बीच पंजाब कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ समेत पार्टी के कई नेता खुलकर इसके विरोध में आ गए थे। इस बीच, कैप्टन ने अपने फैसले को सही ठहराते हुए कहा था कि अगर विपक्ष में ऐसा कोई परिवार है, जिसके सदस्यों ने देश के लिए बलिदान दिया है तो पंजाब सरकार उस परिवार के सदस्य को भी सरकारी नौकरी देगी। 
 
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सांसद प्रताप सिंह बाजवा। - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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पंजाब सरकार ने कादियां के विधायक फतेहजंग बाजवा और लुधियाना के हलका नॉर्थ से विधायक राकेश पांडेय के बेटों को अनुकंपा के आधार पर दी गई नौकरियों पर पंजाब कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रधान व राज्यसभा सांसद प्रताप सिंह बाजवा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अपील की है दोनों विधायक के बेटे अनुकंपा के आधार पर मिली नौकरी को स्वेच्छा से छोड़ दें। बता दें कि इस मामले पर पंजाब के मंत्री और विधायक दो धड़ों में बंटे हैं। 

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सांसद प्रताप बाजवा ने कहा कि स्वर्गीय सतनाम सिंह बाजवा (पिता) और जोगिंदर पाल पांडे जो पूर्व मंत्री थे, पंजाब के लोगों के करीब थे। उन्होंने कई दशकों तक पंजाब के लोगों की सेवा की और आतंकवाद के काले दौर में देश की एकता और अखंडता के लिए जान की कुर्बानी दी। 

कांग्रेस के इन दो महान नेताओं ने पंजाब की सच्ची भावना के साथ नि:स्वार्थ सेवा की और राज्य के लोगों की बेहतरी और खुशहाली के लिए हमेशा प्रयत्नशील रहे। उन्होंने कांग्रेस और उसकी विचारधारा का झंडा बुलंद रखा। जिसे देखते हुए वह अपने छोटे भाई विधायक फतेहजंग सिंह बाजवा और अपने साथी राकेश पांडे से अपील करते हैं कि वह स्वेच्छा से पंजाब सरकार की ओर से उनके लड़कों को अनुकंपा के आधार पर दी गई नौकरियों की पेशकश छेड़ दें। प्रताप बाजवा ने बताया कि उन्हें विश्वास है कि बिछड़े हुए नेताओं की यादों का सम्मान करने का यह उत्तम तरीका होगा। पंजाब कैबिनेट ने मंजूर किया था प्रस्ताव
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पंजाब कैबिनेट ने सांसद प्रताप सिंह बाजवा के भतीजे और विधायक फतेहजंग बाजवा के बेटे अर्जुन प्रताप सिंह बाजवा को पंजाब पुलिस में इंस्पेक्टर (ग्रेड-2) और विधायक राकेश पांडे के बेटे भीष्म पांडे को राजस्व विभाग में नायब तहसीलदार नियुक्त करने का प्रस्ताव पास किया था। लेकिन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का यह फैसला उनके लिए ही मुसीबत का सबब बन गया था। 

विपक्ष के कड़े विरोध के बीच पंजाब कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ समेत पार्टी के कई नेता खुलकर इसके विरोध में आ गए थे। इस बीच, कैप्टन ने अपने फैसले को सही ठहराते हुए कहा था कि अगर विपक्ष में ऐसा कोई परिवार है, जिसके सदस्यों ने देश के लिए बलिदान दिया है तो पंजाब सरकार उस परिवार के सदस्य को भी सरकारी नौकरी देगी। रविवार को सरकार के नौ कैबिनेट मंत्री, चार सांसदों और पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन ने अमरिंदर के फैसले को सही बताया है। लेकिन विपक्ष ने सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ा।

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