अपने नेताओं पर हमले के खिलाफ भाजपा ने भी कड़ा रुख अपना लिया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद ने कहा है कि आज भाजपा नेताओं पर हमला हुआ, कल आम जनता पर भी ऐसा हमला हो सकता है। प्रशासन को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए। जो लोग चौकों पर खड़े हैं, उन्हें तुरंत हटाना चाहिए।
आज शहर के चौक-चौराहों पर कोई खाना बना रहा है तो कोई झंडा लेकर घूम रहा है। ये सब गैरकानूनी है। अगर चंडीगढ़ पुलिस व प्रशासन ने रविवार दोपहर एक बजे तक इन सभी मामलों पर ठोस कार्रवाई नहीं की तो भाजपा को मजबूरन सड़क पर उतरना पड़ेगा। रविवार को अगली रणनीति तय करने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई है। प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार रहेगा। उसके बाद भाजपा इस मामले को अपने स्तर पर देखेगी।
दिल्ली से चंडीगढ़ पहुंचे भारतीय किसान यूनियन कादियां के राष्ट्रीय प्रवक्ता रवनीत बराड़ ने सभी समर्थकों से कहा है कि वह जहां भी प्रदर्शन करें, शांतिपूर्ण तरीके से करें। असमाजिक तत्व समर्थकों के बीच घुसकर वारदात करते हैं और नाम हमारा बदनाम होता है। इससे आम लोग हमसे जुड़ने के बजाय गुंडा समझकर दूर भागते हैं, इसलिए शांति पूर्ण तरीके से काले झंडे लेकर प्रदर्शन करें।
वायरल वीडियो की सच्चाई
घटनाक्रम के दौरान सोशल मीडिया पर एक बच्चे का वीडियो वायरल हो गया, जिसमें वह पुलिस की गाड़ी के अंदर बैठा हुआ था और मीडिया से बात कर रो रहा था। उसके बाद किसान नेताओं ने इस वीडियो को वायरल करते हुए कहा कि चंडीगढ़ पुलिस ने छोटे बच्चे को भी गिरफ्तार कर लिया है, जबकि इसकी सच्चाई कुछ और है। प्रदर्शन के दौरान वह बच्चा अपने पिता के साथ आया था। पुलिस ने जब उसके पिता को गिरफ्तार कर गाड़ी में बैठाया तो उसके पीछे बेटा भी चल पड़ा। जब पुलिस की नजर उस पड़ी तो बच्चे को गाड़ी से नीचे उतार दिया गया।