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जहां सांस लेना मुश्किल, वहां से पीएम मोदी को इस बेटी ने दिया तोहफा, सबसे ऊंची चोटी की फतेह

Thu, 23 May 2019 12:07 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहाबाद (हरियाणा)
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बहादुर बेटी मनीषा - फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा के फतेहाबाद के गांव बनावली निवासी महेंद्र सिंह की बहादुर बेटी मनीषा ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतेह कर लिया है। मनीषा ने यह उपलब्धि बुधवार सुबह 8 हजार 848 मीटर ऊंची चोटी पर पहुंच राष्ट्रीय ध्वज फहराकर हासिल की। इस दौरान उसने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चित्र वाला झंडा फहराते हुए उनके प्रति भी सम्मान प्रकट किया। 

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मनीषा को यह झंडा भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने एवरेस्ट फतेह करने के लिए रवाना होने पर भेंट किया था। एवरेस्ट जैसा बड़ा लक्ष्य प्राप्त करने वाली मनीषा फतेहाबाद की पहली बेटी है। साथ ही दुनिया की सबसे ऊंची चोटी से देश के पीएम को ध्वजारोहण के साथ सलाम करने वाली देश की पहली बेटी भी। इससे पहले 26 जनवरी 2019 को मनीषा साउथ अफ्रीका के सबसे ऊंचे पर्वत किली मंजारो पर देश का तिरंगा फहरा चुकी है। 

गौरतलब है कि मनीषा को एवरेस्ट पर जाने के लिए रवाना करने से पूर्व जिला फतेहाबाद के अलावा हिसार-सिरसा, कैथल व चंडीगढ़ में विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं ने आशीर्वाद सम्मान विदाई दी थी। मनीषा की इस उपलब्धि से गांव बनावली में खुशी का माहौल है। गांव के सरपंच राममूर्ति फौगाट के अनुसार गांव अपनी होनहार बेटी का बड़े जश्न के साथ अभिनंदन करेगा।

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एमबीए कर रही है मनीषा, पिता पुलिस में उप निरीक्षक

पर्वतरोही मनीषा - फोटो : अमर उजाला
हिसार में पुलिस उप निरीक्षक के पद पर तैनात महेंद्र पायल की 24 वर्षीय बेटी मनीषा शिक्षा में एमबीए की पढ़ाई कर रही है। मनीषा के अनुसार बचपन में वह टीवी पर एवरेस्ट नाम का एक सीरियल देखा करती थी। इस सीरियल को देखते हुए ही उसके मन में एवरेस्ट फतेह करने की इच्छाएं पनपने लगी थी। धीरे-धीरे माता-पिता ने उसकी इच्छाओं को हौसलों के पंख लगाए।

इस तरह की उपलब्धि पा उसकी इच्छा नौकरी पाना नहीं, बल्कि गांव, समाज, जिला व प्रदेश में बेटियों को बेटों से कहीं अधिक सम्मान का दर्जा दिलाने की मुहिम को आगे बढ़ाना है। मनीषा ने बताया कि तिरंगे के साथ-साथ उसकी प्रबल इच्छा थी कि एवरेस्ट फतेह करते हुए देश के पीएम नरेंद्र मोदी को भी वहां से सलाम करे जिनकी बदौलत बेटियों को सम्मान का दर्जा मिलने की नई क्रांति का आगाज समाज में हुआ है।
 
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