जेजेपी विधायक जोगीराम सिहाग और राज्यमंत्री अनूप धनक की ओर से अभय चौटाला के खिलाफ सदन में विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाया गया। सदन में स्पीकर ने प्रस्ताव के समर्थन में सदस्यों का समर्थन खड़े होकर मांगा। इस इसके बाद सत्ता पक्ष के तमाम सदस्यों ने खड़े होकर प्रस्ताव का समर्थन किया। चौटाला के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव मंजूर हो गया है।
अभय चौटाला खुद को कानून से ऊपर समझते हैं, कमेटी को भेजा प्रस्ताव: स्पीकर
अभय चौटाला द्वारा अनर्गल भाषा का इस्तेमाल किया गया, जो सहनीय नहीं है। वह नियम के बाहर जाकर आरोप लगाते हैं फिर उन आरोपों के अंदर कोई तथ्य नहीं देते। वह खुद को कानून से ऊपर समझते हैं। वहीं, डिप्टी सीएम के प्रति अभय का व्यवहार सही नहीं था। विशेषाधिकार प्रस्ताव नियम के तहत ही लाया गया है, प्रस्ताव को विशेषाधिकार कमेटी को को भेज दिया है। शराब घोटाले पर चर्चा नहीं कराने के सवाल पर स्पीकर ने कहा कि ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और प्रश्नों में फर्क होता है। प्रश्नों का जवाब दूसरा मंत्री दे सकता है, मगर ध्यानाकर्षण पर पूरी जानकारी विभाग के मंत्री ही देते हैं।
शराब घोटाला : इनेलो ने सार्वजनिक की एसईटी की रिपोर्ट
कोरोना काल के दौरान लॉकडाउन में प्रदेश में हुए करोड़ों रुपये के शराब घोटाले के मामले में प्रदेश सरकार की ओर से गठित एसईटी की रिपोर्ट को इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला ने सार्वजनिक किया है। चौटाला ने आरोप लगाया कि रिपोर्ट में साफ है कि करोड़ों रुपये की गड़बड़ी हुई है लेकिन सरकार जानबूझ कर इस रिपोर्ट को दबाए है और इस पर सदन में चर्चा से भी बच रही है। चौटाला ने कहा कि वह इस मामले को दबने नहीं देंगे और रिपोर्ट लेकर जनता के बीच जाएंगे। रिपोर्ट के अनुसार डिस्टलरी में सीसीटीवी कैमरे और फ्लो नहीं मीटर नहीं थे।
2020 में लाकडाउन के दौरान सोनीपत के खरखौदा में पुलिस द्वारा पकड़ी गई शराब को एक गोदाम में रखा गया था। इस गोदाम के मालिक ने पुलिस के साथ मिलकर शराब चोरी करवा कर बेच दी। खुलासा होने पर गृह मंत्री अनिल विज के आदेश पर गृह सचिव विजय वर्धन ने पूरे राज्य में जांच के लिए सीनियर आईएएस टीसी गुप्ता की अध्यक्षता में स्पेशल इंक्वायरी टीम गठित की थी। जुलाई 2020 में कमेटी ने सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी। इसके बाद से आज तक यह रिपोर्ट बाहर नहीं आई।