आयोग के पास नूंह, फतेहाबाद और सिरसा से बाल विवाह की शिकायतें आती हैं। इन तमाम शिकायतों पर आयोग संज्ञान लेता है। आयोग के पास एक जनवरी 2016 से लेकर 30 नवंबर 2022 तक कुल 18659 मामले आए। इनमें से 17976 मामलों को निपटाया गया है, जबकि 683 मामले लंबित हैं, जिनको निपटाने की प्रक्रिया जारी है।
आयोग की स्थापना दिवस अक्तूबर 2012 से अक्तूबर 2022 तक आयोग के पास कुल 23,192 शिकायतें दर्ज की गईं। इसमें से अब तक 22,454 शिकायतों का निपटान किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, आयोग के पास 2017 से 2022 तक आरटीआई के कुल 1692 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें से 1689 आवेदनों की सूचना निर्धारित समय के भीतर प्रदान की गई।
किस विभाग के खिलाफ कितनी शिकायतें
- विभाग कुल प्रतिशत निपटान लंबित
- पुलिस 8367 45 8037 330
- सेवा 818 4.3 798 20
- जेल 403 21.3 83 20
- महिला 1035 5.5 1007 28
- स्वास्थ्य 440 2.3 419 21
- बाल 175 0.93 168 07
- विविध 6581 35.2 6349 232
- अन्य 840 4.5 815 25
स्कूलों में लड़कियों के लिए अलग शौचालय नहीं होना गंभीर मामला
एक सवाल के जवाब में आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व न्यायधीश एसके मितल ने कहा कि स्कूलों में लड़कियों के लिए अलग से टॉयलेट नहीं होना गंभीर मामला है। इससे पहले भी आयोग के पास ऐसे मामले सामने आ चुके हैं और विभाग ने उनको ठीक किया था। विभाग को इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
आयोग के चेयरमैन ने कहा कि इसके अलावा, स्कूलों के ऊपर से हाईटेंशन तार गुजरना, निजी स्कूलों की बसों की अच्छी कंडीशन नहीं होने के मामले भी आयोग के पास आते रहे हैं। स्कूलों में बेंच और डेस्क नहीं होने का मामला भी आयोग के संज्ञान में आया था। इस पर नोटिस किए जाने के बाद विभाग ने बड़े स्तर पर बेंचों की खरीद की है।
चलाए जाएंगे जागरूकता कार्यक्रम: मित्तल
आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व न्यायधीश एसके मितल ने कहा कि आयोग द्वारा विभागों की की गई 95 प्रतिशत सिफारिशें लागू हुई हैं, शेष पांच प्रतिशत पर काम चल रहा है। मानव अधिकारों के प्रति जागरुकता फैलाने के लिए आयोग जागरुकता कार्यक्रम चलाएगा। इस कड़ी में आयोग ने पुलिस के साथ कार्यक्रम चलाए हैं। इसके अलावा, आयोग निरंतर स्वास्थ्य, भोजन, शिक्षा से संबंधित अधिकारों, अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदायों से संबंधित व्यक्तियों के अधिकारों के संबंध में कार्य करने के साथ-साथ अन्य कमजोर वर्गों जैसे महिलाएं, बच्चे, अशक्त एवं वृद्ध व्यक्तियों के अधिकारों, मानव अधिकार शिक्षा एवं प्रशिक्षण और जागरुकता कार्यक्रम चला रहा है। इस अवसर पर उनके साथ आयोग के सदस्य केसी पूरी और दीप भाटिया भी उपस्थित रहे।