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Haryana: डॉक्टरों की अधिकतर मांगों पर बनी सहमति, अब सिर्फ ACP पर फंसा पेंच, बैठक के बाद हड़ताल पर फैसला

Wed, 17 Jul 2024 11:17 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन केंद्र की तर्ज पर चार एसीपी की मांग पर अड़ी है, जबकि सरकार तीन एसीपी की बात कह रही है। बीच का रास्ता निकालने के लिए आज दोबारा बैठक होगी। 
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हरियाणा में डॉक्टरों ने मांगों के लिए की थी हड़ताल - फोटो : संवाद/फाइल
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विस्तार
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हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (एचसीएमएस) की अधिकतर मांगों पर हरियाणा सरकार के साथ सहमति बन गई है। अब केवल एसीपी (आश्वासित कैरियर प्रगति स्कीम) को लेकर पेच फंसा है। 

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इस मामले में एसोसिएशन केंद्र की तर्ज पर चार एसीपी की मांग पर अड़ी है, जबकि सरकार तीन एसीपी की बात कह रही है। बीच का रास्ता निकालने के लिए आज दोबारा बैठक होगी। इस बैठक के बाद ही साफ हो पाएगा कि डॉक्टर 25 जुलाई से हड़ताल पर जाएंगे या नहीं।

मंगलवार को एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजेश ख्यालिया समेत अन्य पदाधिकारियों की स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल के साथ करीब एक घंटे तक बैठक हुई। बैठक में स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. रणदीप पूनिया व डॉ. आदित्य दहिया मौजूद रहे। एचसीएमएस के राज्य प्रधान डॉ. राजेश ख्यालिया ने कहा कि बैठक सकारात्मक रही। कई मांगों पर सहमति बनी है। एसीपी को लेकर अभी पेच फंसा है। बैठक के बाद आगामी रणनीति का एलान किया जाएगा। गौरतलब है कि मांगों को लेकर डॉक्टरों ने सोमवार को दो घंटे ओपीडी ठप रखी थी। साथ ही 25 से हड़ताल पर जाने का एलान कर दिया था।

इन पर सहमति

  • स्पेशलिस्ट कैडर बने और पीजी कोर्स बॉन्ड में कमी लाई जाए। स्पेशल कैडर के लिए सरकार की तरफ से पहले ही काम चल रहा है और बांड की राशि 50 लाख रुपये करने पर सहमति बन गई है।
  • सीधे एसएमओ (सीनियर मेडिकल आफिसर) की भर्ती नहीं होगी, लेकिन इसके लिए नियमों में संशोधन करना होगा, जिसमे समय लगेगा।
  • पदोन्नति से ही पदों को भरने पर रजामंदी। लंबित पदोन्नति की सूची जल्द की जाएगी जारी।
  • एसीपी पर बीच का रास्ता निकालने की कोशिश

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केंद्रीय सरकारी डॉक्टरों को सेवाकाल के दौरान चार एसीपी मिलती हैं, जबकि हरियाणा में 5, 10, 15 साल की सेवा होने पर मिलती है। हरियाणा के डाॅक्टर 4, 9, 13 और 20 साल की सर्विस पर चार एसीपी मांग रहे हैं। यह फाइल वित्त विभाग के पास लंबित है। इसी कारण बीच का रास्ता निकालने की कोशिश की जा रही हैं।

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