अब तक हुई कुल मौतों में सबसे अधिक मौत 1327 प्राइवेट कर्मचारियों की हुई है। इसी के साथ 1279 हाउस वाइफ, नोन वर्किंग या किसान 412, जबकि सरकारी कर्मचारियों में 170 की मौत हुई है। स्वास्थ्य विभाग के 28 कर्मचारियों और 65 विद्यार्थियों की मौत हुई है। पांच साल से नीचे के 16 बच्चों की मौत हुई, जबकि सबसे अधिक मौत 5301 सीनियर सिटीजन की जान गई है।
बच्चों पर कम असर
दोनों की लहरों में बच्चों पर असर कम रहा है। 0 से 5 साल के 16 बच्चों की मौत हुई है। 5 से 14 साल के 10, 15 से 24 आयु के 108, 24 से 34 के 436, 35 से 44 साल के 938 की मौत हुई। इसी प्रकार 45 साल से 54 के बीच 1542, 55 से 64 साल के बीच 2288, 65 से 74 के बीच 2416, 75-84 के 1269, 85 से 94 के 341 और 95 साल के 21 बुजुर्गों की मौत हुई है।
गंभीर बीमारियों से ग्रस्त से अधिक अन्य की मौत
कोरोना के साथ साथ अन्य बीमारियों से ग्रस्त 2716 की मौत हुई, जबकि अन्य बिना दूसरी बीमारी वाले 3501 की मौत हुई है। सबसे अधिक 1239 शुगर से पीड़ित मरीजों की मौत हुई। सांस के रोगी 336, हृदय रोगी 624, किडनी रोगी 154, कैंसर के 87, दिमाग की बीमारी वाले 48, लीवर के 69, खून की कमी वाले 14 मरीजों समेत अन्य बीमारियों से पीड़ित 207 मरीजों की मौत हुई।
25 साल से 34 के बीच वाले सबसे अधिक संक्रमित
वहीं, संक्रमण की बात करें तो 25 से 34 साल के युवा सबसे अधिक संक्रमित हुए। इनकी संख्या 199549 बनती है। 5 साल तक के 7141, 5 से 14 तक के 34355, 15 से 24 आयु के 101664 संक्रमित हुए। इसी प्रकार, 35 से 44 साल के 159855, 45 से 54 के 111740, 55 से 64 आयु के 84500, 65 से 74 आयु के 49201, 75 साल से 84 के 16624 और 85 से 94 साल के बीच के 3518 व 95 साल से अधिक के 231 लोग संक्रमित हुए।