112 इमरजेंसी नंबर को लागू हुए करीब पांच महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन हैरानी की बात है कि ज्यादातर कॉल अभी भी पुलिस कंट्रोल रूम 100 नंबर पर ही आती है। ऐसे में यह सिस्टम कितना कामयाब है यह एक बड़ा सवाल है।
चंडीगढ़ पुलिस ने दिसंबर से फरवरी तक शहर के अलग-अलग 14 स्कूलों समेत अन्य जगहों पर अवेयरनेस प्रोग्राम का आयोजन किया। इस दौरान कम्युनिकेशन एसपी रोशन लाल ने 112 इमरजेंसी नंबर के बारे में करीब 7100 स्टूडेंट्स, टीचरों समेत अन्य लोगों को जागरूक किया।
बताया गया कि ज्यादातर पुलिस कंट्रोल रूम पर आने वाली कॉल 112 के बजाय 100 नंबर पर आती हैं। ऐसे में आला अधिकारियों का मानना है कि कहीं न कहीं लोगों को 112 इमरजेंसी नंबर के बारे में जागरूकता में काफी कमी है। पुलिस विभाग अब 112 नंबर के प्रति जागरूक करने के लिए शहर के सिनेमाघरों में विडियो क्लीपिंग चलवाने की तैयारी में है।
पुलिस आला अधिकारियों के अनुसार पुलिस कंट्रोल रूम 112 डायल करने के बाद पहले तो इंग्लिश की भाषा सुनाई देती है। इसके बाद 1 नंबर का बटन दबाना होता है तभी लोगों की परेशानी पुलिस तक पहुंच पाती है। वहीं 100 नंबर पर कॉल करने पर सीधे पुलिस कंट्रोल रूप के ऑपरेटर से संपर्क साधा जा सकता है। यही कारण है कि लोग 112 नंबर करने के बजाय 100 नंबर पर कॉल करना पसंद करते हैं।
जागरूकता की कमी
सितंबर 2019 से लागू होने के बाद से ज्यादातर लोग 112 इमरजेंसी नंबर के प्रति जागरूक नहीं हैं। यही कारण है कि चंडीगढ़ पुलिस विभाग कम्युनिकेशन एसपी रोशन लाल की अगुवाई में स्कूलों में स्टूडेंट्स समेत अन्य को जागरूक करती है। बावजूद इसके लोग इस नंबर को लेकर जागरूक नहीं हैं। वहीं, कई बार 112 नंबर डायल करने पर मिलता भी नहीं है।