चंडीगढ़। मोरनी में मौजूद अवैध गेस्ट हाउस को तोड़ने पर पैसा व्यर्थ पैसा खर्च करने के स्थान पर इन्हें सरकारी संपत्ति घोषित करने को लेकर जवाब दाखिल करने के आदेश का पालन न करने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार पर 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
याचिका दाखिल करते हुए याद राम व अन्य स्थानीय निवासियों ने हाईकोर्ट को बताया था कि उनकी पंचायत क्षेत्र में आने वाले 20 गेस्ट हाऊस अवैध हैं। इन गेस्ट हाऊस के कारण गांव का माहौल खराब हो रहा है और इन गेस्ट हाऊस को हटाया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने याचिका को अहम मानते हुए इसे जनहित याचिका के तौर पर सुनने का निर्णय लिया था। इसके बाद मामला सुनवाई के लिए चीफ जस्टिस पर आधारित खंडपीठ के समक्ष पहुंचा था। हाईकोर्ट को सरकार ने बताया था कि वे केवल 20 गेस्ट हाऊस का ही नहीं बल्कि वहां मौजूद सभी गेस्ट हाऊस का सर्वे कर रहे हैं। इस दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि मोरनी में 150 से अधिक गेस्ट हाऊस हैं और उनमें से एक को छोड़कर बाकी सभी अवैध हैं। हाईकोर्ट ने पूछा कि क्या ये गेस्ट हाउस वन भूमि पर मौजूद हैं। इस पर सरकार ने बताया कि यह विवादित भूमि है, मालिकाना हक को लेकर फिलहाल मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। हाईकोर्ट ने पूछा कि इन अवैध गेस्ट हाउस पर क्या कार्रवाई की जा रही है। सरकार ने बताया कि इन्हें कारण बताओ नोटिस भेजा गया है। हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई पर कहा था कि इन पर बुलडोजर चलाकर क्यों राज्य का खर्चा बढ़ान, राज्य सरकार इन्हें राज्य की संपत्ति घोषित करने की दिशा में विचार करें।