चंडीगढ़। शहर के सरकारी स्कूलों में अप्रैल के दूसरे हफ्ते में नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो रहा है। ऐसे में शिक्षा विभाग ने स्कूलों में चल रही शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए नई भर्तियां निकालने की योजना बनाई है। शिक्षा निदेशक पालिका अरोड़ा ने बताया कि नए सत्र में सरकारी स्कूलों में लेक्चरर के 144 पदों पर भर्ती की तैयारी है।
अभी सेंटर सर्विस रूल्स के कारण भर्ती प्रक्रिया में थोड़ी देरी हो गई। अन्यथा अब तक विज्ञापन निकाल देना था। अभी नियमों में थोड़ा बदलाव होगा। जल्द ही भर्ती के लिए आवेदन मंगवाए जाएंगे। नए सत्र में भर्ती करना विभाग का मुख्य लक्ष्य है, क्योंकि स्कूलों में शिक्षकों के काफी पद खाली पड़े हैं। बता दें शहर के सरकारी स्कूलों में एक हजार से अधिक शिक्षकों के नियमित पद खाली हैं।
1993 से लाइब्रेरियन और 1998 से तबला शिक्षकों की नहीं हुई भर्ती
शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षक ने बताया कि शिक्षा विभाग ने 1993 के बाद से लाइब्रेरियन के पद पर रेगुलर भर्ती ही नहीं करवाई है। इस कारण विभाग के पास 43 में 7 पदों पर ही रेगुलर कर्मचारी हैं। वे भी कुछ सालों में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। आलम यह है कि शहर में 115 सरकारी स्कूल हैं। इनमें सिर्फ कुछ सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में ही लाइब्रेरियन हैं। शहर के 53 हाई स्कूलों में एक भी लाइब्रेरियन नहीं है। वहीं, स्कूलों में तबला इंस्ट्रक्टर 21 पदों में 5 ही रेगुलर कर्मचारी हैं। इनकी अंतिम भर्ती भी 1998 में हुई थी। इस दौरान सिर्फ 2 शिक्षकों को ही नियुक्ति दी गई थी। स्कूलों में बच्चों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और शिक्षक सेवानिवृत्ति के कारण कम होते जा रहे हैं।
2015 की जेबीटी-टीजीटी व 2019 की एनटीटी भर्ती भी अटकी
शिक्षा विभाग की ओर से 2015 में 1100 के करीब जेबीटी-टीजीटी की नियमित भर्ती करवाई गई थी, लेकिन पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद मुद्दा कोर्ट में चला गया। पहले हाईकोर्ट और अब सुप्रीम कोर्ट में मामला विचाराधीन होने के कारण अभी तक नियुक्त हुए शिक्षकों का प्रोबेशन पीरियड ही खत्म नहीं हुआ है। भर्ती रद्द होने के डर से इनमें लगभग 700 के करीब शिक्षक पद छोड़कर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली के सरकारी स्कूलों और नवोदय विद्यालयों में नियमित भर्ती में चले गए हैं। वहीं, 2019 में विभाग ने एनटीटी के 131 पदों पर भर्ती निकाली। जनवरी 2020 में डॉक्यूमेट वेरिफिकेशन में समस्याएं आने के कारण लगभग 15-17 उम्मीदवारों को ही नियुक्ति मिली है, अन्य का मामला विचाराधीन है।