फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इस जगह 'जिंदा' होंगे बंटवारे में मारे गए 10 लाख लोग

Thu, 13 Aug 2015 08:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल
विज्ञापन
विज्ञापन
भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के समय मारे गए करीब दस लाख लोगों की याद में करीब सौ एकड़ में एक शहीदी स्मारक बनाएगा। इसके अंतर्गत इस क्षेत्र में गऊशाला, स्कूल, कॉलेज, धर्मशाला व अस्पताल आदि खोले जाएंगे।
विज्ञापन


इसके लिए कुरुक्षेत्र के पिपली के पास 25 एकड़ जमीन खरीद ली गई है, जबकि 75 एकड़ को लेकर बात चल रही है, उसे भी जल्द खरीदा जाएगा।

यह कार्य पंजाबी समाज का पंचनद स्मारक ट्रस्ट कर रहा है। बंटवारे के समय मारे गए लोगों को सम्मान देने का यह पहला प्रयास है और अपने आप में नायाब भी।

पंचनद सदस्यों का दावा है कि इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब एक हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 14 अगस्त को सुबह 10 बजे कुरुक्षेत्र में होने वाले पंचनद शहीदी दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल इस शहीदी स्मारक का शिलान्यास करेंगे।
Trending Videos

मुख्यमंत्री खट्टर करेंगे स्मारक का शिलान्यास

ट्रस्ट के संरक्षक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी धर्मदेव सोमवार देर रात श्री राधा कृष्ण गऊशाला अर्जुन गेट करनाल में पहुंचे थे। अमर उजाला से बातचीत के दौरान स्वामी धर्मदेव ने बताया कि वर्ष 1947 के पाकिस्तान बंटवारे के वक्त करीब 10 लाख से ज्यादा पंजाबी समाज के लोगों का कत्लेआम हुआ।

उन आत्माओं को मान देने के लिए यह प्रयास किया जा रहा है। यह एक तरह से दुनिया का आठवां अजूबा होगा। स्वामी ने बताया कि करीब 100 एकड़ में यह शहीदी स्मारक बनेगा। 25 एकड़ जगह खरीद ली है, 75 एकड़ की बात चल रही है। इसमें संत समाज के काफी साधु संत भी शामिल होंगे।
विज्ञापन

पंजाबी समाज, सभी एमएलए व एमपी करेंगे शिरकत

कई पंजाबी समाज के एमएलए., एमपी. भी इस शहीदी दिवस पर शिरकत करेंगे। स्वामी धर्मदेव ने कहा पंजाबी समाज ने मेहनत से आज जो मुकाम हासिल किया है वो दुनिया में एक मिसाल है। हमारे बुजुर्ग वहां से खाली हाथ आए थे और अपनी मेहनत के बल पर आज पूरे विश्व में पंजाबी समाज का नाम रोशन किया है।

इस मौके पर कुरुक्षेत्र एम.एल.ए. सुभाष सुधा ने पंजाबी समाज से अपील की है कि करनाल और कुरुक्षेत्र साथ साथ है, यहां की हाजिरी कुरुक्षेत्र से भी ज्यादा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस शिलान्यास में उनके हाथों द्वारा एक-एक ईंट रखवाई जायेगी, जिससे आने वाली पीढ़ियां अपने बुजुर्गों को याद रखेंगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें