जून-जुलाई में मायूस करने वाले मानसून ने अगस्त में सारे गिले-शिकवे दूर कर दिए हैं। एक से 27 अगस्त तक 430 मिलीमीटर (एमएम) से ज्यादा बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो 16 सालों में सबसे ज्यादा रही है। इससे पहले वर्ष 2004 में अगस्त महीने में 718 एमएम बारिश रिकार्ड की गई थी, जो अगस्त महीने का ऑल टाइम रिकार्ड है। मानसून महीनों की बात की जाए तो चंडीगढ़ का प्रदर्शन उत्तर भारत में सबसे बेहतर है।
चंडीगढ़ में अभी तक 786.5 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है, जो सामान्य के मुकाबले 11 फीसदी ज्यादा है। इसके विपरीत साथ लगते शहर पंचकूला में इस बार काफी कम बारिश हुई है। यहां अब तक 289.4 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है, जबकि अभी तक 733 एमएम बारिश हो जानी चाहिए थी। करीब 61 फीसदी की कमी रिकार्ड की गई है। वहीं, मोहाली में अच्छी बारिश दर्ज हुई है। यहां पर 446 एमएम बारिश होनी चाहिए थी।
इसके मुकाबले अब तक 446.8 एमएम बारिश रिकार्ड की जा चुकी है। चंडीगढ़ मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया है कि भले ही मानसून ने जुलाई में निराश किया हो, लेकिन अगस्त में उसका प्रदर्शन बेहतर रहा है। इसका एक बड़ा कारण बंगाल की खाड़ी में बनने वाला मौसमी सिस्टम रहा है। इसके अतिरिक्त स्थानीय मौसम की गतिविधियों का भी असर पड़ा है। इससे अगस्त में अच्छी बारिश हुई है। शहर में 12 अगस्त को 133 एमएम और 23 अगस्त को 80 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है। इसके अलावा हर दूसरे दिन छिटपुट बारिश होती रही है।