हरियाणा की नूंह नगरपालिका को नगर परिषद का दर्जा मिलेगा। सरकार ने विधानसभा में नगरपालिका अधिनियम, 1973 को संशोधित कर हरियाणा नगरपालिका संशोधन विधेयक-2020 पारित कराकर इसका प्रावधान किया है। नूंह को नगर परिषद का विशेष दर्जा मिलेगा, चूंकि पालिका क्षेत्र की आबादी पर्याप्त नहीं है। इस समय हरियाणा में 22 जिले हैं, 21 जिलों में उनके मुख्यालय पर नगर निगम या नगर परिषद अस्तित्व में हैं। जबकि, नूंह के जिला मुख्यालय पर नगर पालिका है।
हरियाणा नगर पालिका अधिनियम, 1973 अनुसार नगर परिषद घोषित करने के लिए कम से कम 50 हजार की जनसंख्या चाहिए। जनगणना-2011 के अनुसार नूंह की जनसंख्या 16260 है व वर्तमान जनसंख्या 24390 तक पहुंच गई है। नूंह नगर पालिका क्षेत्र में किए जाने वाले विकास कार्यों की गति बढ़ाने व निवासियों को बेहतर नागरिक सुख-सुविधाएं मुहैया कराने के लिए नगर परिषद को अस्तित्व में लाने का फैसला लिया गया है।
नगर परिषद के गठन के बाद वरिष्ठ अधिकारी विकास कार्यों को सिरे चढ़ाने के लिए उपलब्ध रहेंगे। इसके मद्देनजर नगर पालिका नूंह को नगर परिषद के रूप में घोषित करने के लिए हरियाणा नगर पालिका अधिनियम 1973 की धारा 2 (क) में संशोधन किया गया है। संशोधन अधिनियम में यह प्रावधान किया गया है कि अध्यक्ष सहित पालिकाओं में भी सीटें सीधे चुनाव द्वारा चुने गए व्यक्तियों से भरी जाएंगी।
अधिनियम की धारा 21 में अध्यक्ष या उपाध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव के प्रावधान को भी संशोधित किया गया है। अब अध्यक्ष को नगर परिषद, नगर पालिकाओं के अन्य सदस्यों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव से नहीं हटाया जा सकता। विधानसभा में इस विधेयक के पारित होने के बाद जल्द इसकी अधिसूचना जारी हो जाएगी। उसके बाद नए प्रावधान लागू होंगे।