फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरियाणा विस सत्रः एसवाईएल-दादूपुर पर इनेलो का वाकआउट, खेलकूद विश्वविद्यालय का रास्ता साफ

Tue, 06 Aug 2019 11:11 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
विधानसभा का मानसून सत्र - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विधानसभा सत्र के आखिरी दिन इनेलो ने एक बार फिर एसवाईएल और दादूपुर नलवी के मुद्दे पर सरकार को घेरने का प्रयास किया। लेकिन सीएम मनोहर लाल ने दोनों मुद्दों पर एक बार फिर अपना नजरिया साफ कर दिया। जिससे इनेलो विधायक अभय चौटाला नाराज हो गए और अपने विधायकों के साथ वाकआउट कर गए। 

विज्ञापन


अभय चौटाला ने कहा कि सरकार दोनों मुद्दों पर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि एसवाईएल पर 10 नवंबर 2016 को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया था, लेकिन हरियाणा सरकार ने केंद्र पर इस फैसले को लागू करवाने का दबाव नहीं बनाया। जिस वजह से आज तक किसान एसवाईएल के पानी से वंचित हैं। 

अभय ने कहा कि दादूपुर नलवी नहर को भी डिनोटिफाइ कर सरकार ने किसानों से धोखा किया है, जबकि स्कीम सिंचाई के साथ-साथ वाटर रिचार्जिंग के लिहाज से भी बहुत महत्वपूर्ण थी। मगर इस पर भी हरियाणा सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई।

विज्ञापन

इनेलो के इन सवालों का जवाब देते हुए सीएम मनोहर लाल ने कहा कि एसवाईएल को लेकर भाजपा सरकार ही गंभीर है, पूर्व सरकारों ने इस मामले में गंभीरता नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि इस मामले में 12 साल पहले राष्ट्रपति संदर्भ आ गया था, जिसे पूर्व सरकारों ने फाइलों में दबा दिया। मगर हमारी सरकार आने के बाद इस राष्ट्रपति संदर्भ को फाइलों में से निकाला गया और इसी का नतीजा है कि आज परिस्थितियां हरियाणा के पक्ष में हैं। 

सीएम ने कहा कि अब केंद्र को इस मामले में हरियाणा और पंजाब को बिठाकर मध्यस्थता करवानी है। इसके लिए हरियाणा सरकार ने अतिरिक्त मुख्य सचिव सिंचाई विभाग की अध्यक्षता में तीन सीनियर सदस्यों की कमेटी गठित कर दी है। पंजाब ने इस मामले में क्या किया है हमें नहीं मालूम, मगर जैसे ही इस बाबत केंद्र का बुलावा आएगा तो हमारी टीम आगामी कार्रवाई के लिए दिल्ली चली जाएगी।

‘अभय जी हमें सियासी ड्रामेबाजी नहीं आती’

जवाब देते हुए सीएम मनोहर लाल ने अभय चौटाला से कहा कि दरअसल हमें सियासी ड्रामेबाजी करनी नहीं आती। दादूपुर नलवी नहर के मामले में जो कुछ कागजों में था, वो धरातल पर नहीं था। सीएम ने कहा कि काश इस प्रोजेक्ट को लेकर जो फाइलों में था, वही धरातल पर भी होता तो आज इस योजना को नजारा कुछ और होता। 

सीएम ने कहा कि यमुना में पानी पर्याप्त है नहीं, तो ये योजना सिरे कैसे चढ़ती, सबकुछ ख्याली पुलाव पकाया जा रहा था। कल यमुना में पर्याप्त पानी होता तो एक छोड़ दो नहरें बन जाएंगी। इसके लिए सरकार ने लखवार, रेणुका, किशाऊ बांध पर भी काम शुरू किया है, एमओयू भी हो चुके हैं। सीएम ने कहा ‘हमारी कोशिशों पर भरोसा रखो जनाब।’ सीएम ने कहा कि हांसी-बुटाना नहर का मामला भी सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। उसकी भी तारीख जल्द है। जबकि एसवाईएल मामले की अगली सुनवाई 3 सितंबर को होनी है।

राई में हरियाणा खेलकूद विश्वविद्यालय का रास्ता साफ
विश्वस्तरीय खेल प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए सोनीपत के राई में हरियाणा खेलकूद विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। इस संबंध में मंगलवार को विधानसभा में सर्वोत्तम अंतरराष्ट्रीय पद्धतियों को अपनाते हुए श्रेष्ठ खेलकूद शिक्षण के लिए प्रशिक्षण केंद्र के रूप में कार्य करने के अतिरिक्त खेलकूद विज्ञान, प्रौद्योगिकी, प्रबंधन और कोचिंग के क्षेत्रों में खेलकूद विद्या को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य में विशिष्ट विश्वविद्यालय के रूप में खेलकूद विश्वविद्यालय स्थापित और निगमित करने तथा उससे संबंधित या उसके मामलों के लिए हरियाणा खेलकूद विश्वविद्यालय विधेयक, 2019 पारित किया गया।

राज्य ने खेलों को और अधिक बढ़ावा देने के लिए हरियाणा खेलकूद विश्वविद्यालय के नाम से विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी, जो अंतर्राष्ट्रीय मानकों का पहला पूर्ण विश्वविद्यालय होगा। विश्वविद्यालय राज्य सरकार की पूर्व अनुमति से राज्य के बाहर भी दूरस्थ कैंप और अध्ययन केन्द्र स्थापित कर सकता है। 

विश्वविद्यालय सभी जातियों, पंथों, मूल वशों और वर्गों के लिए खुला रहेगा। विश्वविद्यालय का विशेष ध्यान नवीनतम शोध के आधार पर खेल विज्ञान, खेल चिकित्सा और खेल प्रौद्योगिकी आदि में प्रयोज्यता के साथ बहु-अनुशासनात्मक अध्ययनों पर होगा।

राज्यपाल होंगे विश्वविद्यालय के कुलाध्यक्ष

विश्वविद्यालय के अधिकारियों में कुलाध्यक्ष, कुलाधिपति, कुलपति, कुलसचिव, विद्यापीठों के डीन, वित्त अधिकारी, परीक्षा नियंत्रक, कुलानुशासक, पुस्तकालयाध्यक्ष और ऐसे अन्य अधिकारी जो परिनियमों द्वारा विश्वविद्यालय के अधिकारी घोषित किए जाएंगे, शामिल होंगे। हरियाणा के राज्यपाल विश्वविद्यालय के कुलाध्यक्ष होंगे। 

किलोमीटर स्कीम की टेंडर प्रक्रिया में हुए खेल पर सीएम सख्त, कहा- दोषी बचेंगे नहीं

किलोमीटर स्कीम  के तहत प्राइवेट बसों को हायर करने संबंधी योजना में जिस प्राइवेट एजेंसी को टेंडर प्रक्रिया में शामिल किया गया था, उस एजेंसी की वेबसाइट के जरिए पूरा खेल चलता था। इसी एजेंसी ने अपनी वेबसाइट पर 510 प्राइवेट बसों के ई-टेंडर जारी किए थे। वेबसाइट पर ठेकेदारों ने अपने टेंडर भरने थे। मगर इस वेबसाइट पर टाइमिंग का पूरा खेल होता था। वेबसाइट करीब दस मिनट चलती थी, फिर अचानक  हैंग हो जाती थी। इसी खेल को कुछ लोग भली प्रकार जानते थे, जिसका भरपूर फायदा उठाया गया। मगर अब इस प्राइवेट एजेंसी का सरकार द्वारा ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है।

किलोमीटर स्कीम घोटाले में कांग्रेस के सवाल पर सीएम मनोहर लाल ने सदन में उक्त तथ्यों के साथ जवाब दिया। सीएम ने साफ कहा कि इस स्कीम में कोई कमी नहीं है। फाइल पर उन्होंने खुद इस स्कीम को सराहा है। लेकिन इस योजना के तहत प्राइवेट एजेंसी ने जो टेंडर किए, उसी में भारी अनियमितताएं सामने आई है। जिससे सरकार का माथा ठनका और सरकार ने इसकी विजिलेंस जांच के आदेश दिए। सीएम ने कहा कि  मामला अभी विचाराधीन है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

इस पर  कांग्रेस विधायक करण दलाल ने कहा कि विजिलेंस ने अपनी जांच में अफसरों की मिलीभगत साफ बताई है, तो अभी तक कार्रवाई क्यो नहीं? इस पर सीएम ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार यही तो जांच करवा रही है कि ये कौन अफसर है जो इसके लिए दोषी है। दोषी अफसरों-कर्मचारियों की पहचान होते ही उनपर कार्रवाई पक्का होगी। सीएम ने कहा कि हमने अब 190 बसों के टेंडर सरकारी एनआईसी की वेबसाइट पर जारी किए हैं और उन पर नेगोशिएशन चल रहा है।

सीएम ने कहा कि कई बार तो इसमें ऐसे भी हैरान करने वाले रेट भी डाले गए जिससे योजना फेल हो जाए। लेकिन सरकार अब इन चालों को भी समझ चुकी है। उनके अनुसार ये स्कीम जनहित में है और सरकार इसे पूरी पारदर्शिता से सिरे चढ़ाएगी, ताकि जनता के लिए बसों की संख्या बढ़ाई जाए।

अब सब इंस्पेक्टर भी जब्त कर सकेगा गोवंश से भरा ट्रक

हरियाणा में अब सब इंस्पेक्टर भी गोवंश से भरा ट्रक जब्त कर सकेगा। वे इस संबंध में इससे जुड़े किसी परिसर में भी भी छापेमारी कर सकेगा। दरअसल, अभी तक ये कार्रवाई सिर्फएसडीएम ही कर सकता था। मगर अब ये पॉवर हरियाणा सरकार ने पुलिस के सब इंस्पेक्टर रैंक तक के अफसरों को भी दे दी है। इस बाबत कानून में संशोधन को हरियाणा विधानसभा में हरी झंडी दी गई। दरअसल, अपराधी इस मामले में अपने वाहन आसानी से सुर्पदारी पर मुक्त करवा लेते थे और आसानी से बरी हो जाते थे।

लेकिन अब कानून में संशोधन के बाद गोवंश की तस्करी करने वालों पर और शिंकजा कसेगा। इसी के चलते हरियाणा में गौवंश संरक्षण तथा गौसंवर्धन को प्रोत्साहित करने के लिए लागू किए गए हरियाणा गौवंश संरक्षण तथा गौसंवर्धन अधिनियम 2015, को आगे संशोधित करने के लिए आज राज्य विधान सभा में हरियाणा गौवंश संरक्षण तथा गौसंवर्धन (संशोधन) विधेयक, 2019 पारित किया गया। हरियाणा गौ सेवा आयोग की अनुशंसा पर ‘हरियाणा गौवंश संरक्षण तथा गौसंवर्धन अधिनियम, 2015’ में संशोधन किया गया है  क्योंकि इस अधिनियम के तहत दर्ज अपराधी इस अधिनियम के लचीलेपन का फायदा उठा रहे थे और जब्त किये गये अपने वाहन आसानी से सुर्पदारी पर मुक्त करवा रहे थे।

यहां यह बताना भी उचित होगा कि लचीले प्रावधानों की वजह से इस अधिनियम के तहत दर्ज किए गये अपराधी न्यायालय से बरी हो जाते हैं। इसलिये हरियाणा गौवंश संरक्षण तथा गौसंवर्धन अधिनियम की धारा 16 में ‘गाय’ शब्द को बदलकर ‘गाय या गौमांस’ शब्द जोड़कऱ संशोधित किया गया है क्योंकि गौमांस शब्द अधिनियम की धारा 16  में सभी जगह लुप्त है। इसी प्रकार हरियाणा गौवंश संरक्षण एवं संवर्धन अधिनियम, 2015 में संशोधन कर शब्द ‘अधिग्रहण’ से बदलकर ‘जब्त’ किया गया हैै।  इसमें ‘गाय’ की परिभाषा भी स्पष्ट की गई है जिसमें सांड, बैल, वृषभ, बछिया, बछड़ा, निशक्त बीमार व बांझ गाय शामिल है।

लाल डोरा से एचटी-एलटी लाइन हटाएंगे बिजली निगम

हरियाणा के बिजली वितरण निगम प्रदेश में लाल डोरा के अंदर घरों पर से गुजर रहीं एचटी और एलटी लाइनों को अपने खर्च पर हटाएंगे। लाल डोरे से बाहर गुजर रही इन लाइनों को हटाने का खर्चा पंचायत या मकान मालिकों को उठाना होगा। परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने सदन में इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि ढाणी में दस व्यक्ति या उससे ज्यादा हैं तो उन्हें बिजली कनेक्शन दिया जाएगा। राशन कार्ड में परिवार के सदस्यों की संख्या दस होनी चाहिए।

नारायणगढ़ में अवैध खनन की जांच कराएगी सरकार
इनेलो विधायक अभय चौटाला ने शून्यकाल के दौरान नारायणगढ़ में अवैध खनन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पंचायत ने प्रस्ताव पारित कर उनके पास भेजा है। जिसमें लिखा है कि भाजपा के पूर्व एमएलए और वर्तमान सांसद के लोग सरकारी जमीन पर कब्जा कर अवैध खनन करा रहे हैं। सरकार इसकी जांच कराए। अभय चौटाला ने पंचायत का प्रस्ताव खादान व भूगर्भ विभाग मंत्री ओपी धनखड़ को सौंप दिया। इस पर धनखड़ ने कहा कि डीसी को आदेश देकर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन

ललित नागर बोले, महकमा नहीं संभलता तो मंत्री दे दें इस्तीफा, हंगामा

हरियाणा विधानसभा के मॉनसून सत्र के अंतिम दिन प्रश्नकाल हंगामेदार रहा। कांग्रेस विधायकों के सवालों पर जमकर हंगामा हुआ। तिगांव से कांग्रेस विधायक ललित नागर ने बरसात के पानी की समस्या के समाधान को लेकर सवाल पूछा था। सवाल शहरी स्थानीय निकाय विभाग से जुड़ा था, लेकिन उन्होंने इसे जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी राज्य मंत्री से पूछ डाला। जवाब, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन ने दिया और कहा कि ऐसी कोई समस्या नहीं है।

इस पर ललित नागर बोले कि बड़ी हैरानी की बात है, स्प्रिंग फील्ड, अशोका एनक्लेव, सेक्टर-29 और इंद्रप्रस्थ कालोनी के घरों और सड़क पर पानी भर जाता है, और मंत्री ने कह दिया कि कोई समस्या नहीं है। अगर महकमा नहीं संभाल सकते तो इस्तीफा दे दें। नागर के यह कहते ही भाजपा विधायकों ने कड़ी आपत्ति जताई। संसदीय कार्यमंत्री रामबिलास शर्मा ने कहा कि विधायक ऐसी टिप्पणी मंत्री को लेकर नहीं कर सकते। आपने कैसे यह अंदाजा लगा लिया कि महकमा नहीं संभाल सकतीं।

कविता जैन ने जैसे ही पलटवार किया, नागर गुस्सा गए और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि करोड़ों रुपये कहां गए, क्या विकास हुआ। इस पर कविता जैन ने कहा कि विधायक ने मेरी काबिलियत पर सवाल उठाया, कोई बात नहीं। मैं, इनकी काबिलियत बताती हूं। विधायक को यह पता नहीं कि सवाल किस विभाग का है, उन्होंने इसे जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी राज्य मंत्री से पूछा है। इस नाते से तो मेरा जवाब ही नहीं बनता।

फिर भी सवाल आया है तो बता देती हूं कि जून में ड्रेन व नालियों की सफाई का काम शुरू हुआ था, अब संबंधित क्षेत्रों में बरसाती पानी भरने की कोई समस्या नहीं है। कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी ने बीच में टोकाटोकी करने की कोशिश की तो वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने मंत्री को कुछ कहने के बजाय अपने विधायकों को समझाएं। मंत्री को न बताएं, वह आपके अधिकार क्षेत्र में नहीं आती। कांग्रेस विधायकों पर तो आपका वश चलता नहीं है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें