हिमाचल के पहाड़ी क्षेत्र में भारी बारिश के कारण पठानकोट-जोगिंद्रनगर नैरोगेज रेल सेक्शन पर भूस्खलन की आशंका से फिरोजपुर डिवीजन ने इस रूट पर रात की सेवा बंद कर दी है। लैंड स्लाइडिंग की घटनाओं से सावधानी और यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर बरसाती सीजन खत्म होने तक रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक इस रूट पर चल रही सभी ट्रेनों का संचालन ठप रहेगा। वहीं दो ट्रेनों को जोगिंद्रनगर की बजाय ज्वालामुखी रोड स्टेशन से ही संचालित किया जाएगा।
रेल इंजीनियर्स का कहना है कि कोपड़लाहड़ में काफी तीखे मोड़ हैं, जिसके चलते ट्रेन के ड्राइवर को आगे का ट्रैक देखना मुश्किल होता है। उससे भी मुश्किल होता है, रात के समय ड्राइव करना। इंजीनियरों का कहना है कि स्पीड का आंकलन किया जाए तो पहाड़ों में ट्रेन की ब्रेक लगाने के बावजूद ट्रेन 180 मीटर दूर जाकर खड़ी होती है। ऐसे में अगर मोड़ के पास लैंड स्लाइडिंग हो और ट्रेन की ब्रेक लगे, तो यात्रियों और ट्रेन दोनों को भारी नुकसान हो सकता है।
इसलिए रेल प्रशासन द्वारा यह योजना अमल में लाई जा रही है। व्यवस्था एक या दो महीनों के लिए की गई है। उल्लेखनीय है कि हर साल जुलाई-अगस्त में कोपड़लाहड़ गुलेर के रास्ते में लैंड स्लाइडिंग के चलते एक से दो महीने रेल सेवा बाधित रहती है। इस दौरान ट्रेनों को पठानकोट से गुलेर तक ही चलाया जाता है। जोगिन्द्रनगर-पपरोला से कोपड़लाहड़ तक ही ट्रेनें चलाई जाती हैं।