चंडीगढ़ नगर निगम पानी बर्बाद करने वालों के खिलाफ सख्ती करने जा रहा है। इसके लिए 1 जून से 15 जुलाई तक निगम के अधिकारी और कर्मचारी अपने-अपने क्षेत्र में निरीक्षण करेंगे। इस दौरान कोई व्यक्ति पेयजल से पार्कों में पानी देते हुए, गाड़ियों को धोते हुए या फिर अन्य किसी तरीके से पानी बर्बाद करते हुए दिखा तो दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही वाटर बायलॉज के हिसाब से उसको नोटिस भी दिया जाएगा।
गर्मियों में पानी की किल्लत न हो इसके लिए वीरवार को मेयर ऑफिसर में मेयर राजबाला मलिक, जल आपूर्ति व सीवरेज समस्या निवारण कमेटी के अध्यक्ष पार्षद अनिल दुबे ने चीफ इंजीनियर शैलेंद्र सिंह के साथ बैठक की। इस दौरान चीफ इंजीनियर ने यह जानकारी दी। मेयर ने कहा कि गर्मियों में पानी की किल्लत न हो इसके लिए तैयार रहें। जहां भी लो प्रेशर से पानी आ रहा है, वहां भी चेक करवाने की जरूरत है।
चीफ इंजीनियर ने कहा कि इसके लिए 18 टीमें बनाई हैं। वे लगातार लो प्रेशर से आ रहे पानी की समस्या को देखेंगे और उसका समाधान करेंगे। साथ ही कहां-कहां पानी की बर्बादी हो रही है, इसकी भी जानकारी ली जाएगी ताकि लीकेज व अन्य समस्याओं को निपटाकर पानी की बर्बादी को रोका जा सके।