चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एंड टूरिज्म डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (सिटको) के सस्पेंड चारों कर्मचारियों पर सिटको प्रबंधन ने कोविड-19 के नियमों के उल्लंघन का चार्ज लगाया है। साथ ही इन पर होटल शिवालिक व्यू में नियमों के विरुद्घ बैठक कर आपस में हाथापाई करने का भी आरोप है। जांच में यह भी तथ्य सामने आए हैं कि सस्पेंड हुए कर्मचारी सिटको विरोधी गतिविधियों में भी संलिप्त रहे हैं।
बता दें कि मंगलवार को सिटको में कार्यरत चार कर्मचारियों राजीव कोहली, प्रेमलाल डंगवाल, बलवीर सिंह और कुलभूषण को प्रबंधन ने सस्पेंड कर दिया था। इस दौरान प्रबंधन ने सस्पेंड हुए कर्मचारियों पर सिटको विरोधी कार्यों में संलिप्त होने का आरोप लगाया था।
इसके बाद बुधवार को प्रबंधन ने सस्पेंड कर्मचारियों के खिलाफ चार्ज बनाने का कार्य शुरू कर दिया। प्राथमिक कार्रवाई में चारों कर्मचारियों द्वारा कोविड-19 नियमों के उल्लंघन के तथ्य सामने आए हैं। जांच में यह खुलासा हुआ है कि लॉकडाउन में रोक के बाद भी कर्मचारियों द्वारा यूनियम की एक बैठक होटल शिवालिक व्यू की गई, जिसमें आपस में कुछ लोगों के बीच हाथापाई भी हुई।
आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत हुई कार्रवाई
सस्पेंड हुए कर्मचारियों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत कार्रवाई की गई है। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक की अध्यक्षता करते हुए चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर की ओर से यह कार्रवाई की गई है। बैठक में सभी विभागों के कर्मचारियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई भी कर्मचारी कोविड-19 नियमों का उल्लंघन करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सिटको ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने आरोपों को नकारा
सिटको ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने कर्मचारियों पर लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया है। कमेटी के बलवीर सिंह, कुलभूषण, प्रेमलाल और राजीव कोहली का कहना है कि प्रबंधन दबाव बनाने के लिए ऐसे आरोप लगा रहा है। हाल ही में कमेटी के द्वारा कुछ बड़े मामले की शिकायत चंडीगढ़ प्रशासक से की गई थी, जिससे नाराज होकर उनके खिलाफ प्रबंधन ने यह कार्रवाई की है।