मगर वह शर्म की वजह से घर में कुछ नहीं बता पातीं। गुरुग्राम और झज्जर में तो छात्राओं ने थानों के सामने ही मनचलों द्वारा छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। छात्राओं ने छिपकर पुलिस को सूचना भी दी, पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। नारनौल, चरखी दादरी, रोहतक, कुरुक्षेत्र, हिसार, रेवाड़ी में छात्राओं ने कहा कि ऑटो चालक भी उनके साथ छेड़छाड़ करते हैं।
मनचलों द्वारा छेड़छाड़ की शिकायत पर भी यदि पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है तो यह गंभीर मामला है। जांच कराकर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। -बीएस संधू, डीजीपी, हरियाणा
संवाद कार्यक्रमों में छात्राओं ने यह बातें भी बताईं
1. घर से स्कूल तक आना-जाना खौफ के साए में होता है।
2. लड़के रास्ते में आते-जाते भद्दे कमेंट करते हैं।
3. लड़के रास्ता रोककर चिट देने की कोशिश करते हैं।
4. किसी से कह भी नहीं सकते। घर बताएं तो पढ़ाई छूट जाती है।
एक सप्ताह में रोहतक को मजनुओं से मुक्त करने का दावा
सरकार के एक और सुधार कार्यक्रम के परियोजना निदेशक रॉकी मित्तल का दावा है कि वे एक सप्ताह में रोहतक व दो महीने में हरियाणा को मजनुओं से मुक्त कर देंगे। छात्राओं से मिली फीडबैक के आधार पर पुलिस को मजनुओं के ठिकाने बता दिये गए हैं। पुलिस सही तरीके से काम करेगी तो सप्ताह भर में रोहतक व दो महीने में हरियाणा मजनुओं से मुक्त हो जाएगा। रोहतक पुलिस ने इस ओर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। डीजीपी ने भी सख्त कार्रवाई करने की बात कही है।