आरोपी को ले जाती मोहाली पुलिस।
मंगलवार को बीसीआई के एंटी करप्शन सेल के ज्वाइंट कमिश्नर मोहाली आ रहे हैं। वह आरोपी से पूछताछ करेंगे। आरोपी के तार किस-किस से जुड़े हैं, यह भी तलाशा जा रहा है। कहीं किसी अंतरराष्ट्रीय मैच में भी इसका दखल तो नहीं रहा, इस बात की भी जांच होगी।
मोहाली के फेज-2 में रहता है आरोपी
आरोपी मूलरूप से राजस्थान का रहने वाला है। लेकिन पिछले चार-पांच साल से वह मोहाली के फेज- दो में रह रहा है और यही से ही सट्टे का खेल विदेश तक चला रहा था। बताया जा रहा है कि आरोपी ज्यादातर विदेश में रहता है।
दो की पहले हो चुकी गिरफ्तारी
इस मामले में मोहाली पुलिस ने पहले ही दो आरोपियों को धर दबोचा है। उनसे भी पूरे मामले को लेकर पूछताछ की जा रही है। वहीं आरोपियों के सोशल मीडिया अकाउंट और मोबाइल की डिटेल्स को भी खंगाला जा रहा है।
ऐसे सजाया गया था स्टेडियम
जानकारी के मुताबिक स्वाड़ा के जिस ग्राउंड को श्रीलंका का ग्राउंड बताया गया था। पता चला है कि उसे श्रीलंका के ग्राउंड के रूप में दिखाया गया था। इस ग्राउंड के किनारों पर बाकायदा फ्लैग लगाए गए थे। जो कि नीले रंग के थे। इन पर एसआई लिखा हुआ था। इसी तरह ग्राउंड के बाहरी साइड पर गजीबों भी लगाए गए थे। जहां पर आकर खेलने वाले खिलाड़ी आराम करते थे। इसके अलावा दर्शकों का इंतजाम भी किया गया था। इन सभी चीजों की जांच की जा रही है।
हाई रेजोल्यूशन कैमरों से होता था प्रसारण
आरोपी ने पंजाब के खरड़ में टी-20 मैच का आयोजन किया था। हाई रेजोल्यूशन कैमरों के जरिए मैच की ऑनलाइन स्ट्रीमिंग कई वेबसाइटों पर की गई। दावा यह किया गया कि मैच श्रीलंका में खेला जा रहा है। जबकि वास्तविकता यह थी कि मैच चंडीगढ़ के पास एक गांव में खेला जा रहा था।
इसे लेकर श्रीलंका किक्रेट बोर्ड ने शिकायत की थी। जिसके बाद मोहाली पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई। इस मामले पर बीसीसीआई ने भी अपनी नजरें बनाए रखी थीं। आरोपी मैच कराने के लिए कैमरों की सेटिंग कुछ ऐसे करते थे कि वह मैच वास्तविक जैसा लगता था। फर्जी दावों के साथ कई वेबसाइटों पर प्रसारित करते थे और सट्टे के जरिए मोटी कमाई करते थे। आरती पटेल, संदीप जैन, गुल्लू जैन निवासी दिल्ली समेत कई लोग आरोपी के साथी हैं।
आरोपी ने स्ट्रोकर क्रिकेट अकादमी स्वाड़ा का ग्राउंड 29 जून से पांच जुलाई तक बुक कराया था। इसके बाद बुकी पंकज कुमार अरोड़ा, गोल्डी राजेश गर्ग व अन्य के साथ मिलकर चार टीमें बर्नाइं। टूर्नामेंट उसकी तरफ से मैनेज किया गया। इस मैच को फैनकोड एप, यू ट्यूब व कई ऑनलाइन साइट्स पर भी दिखाया। यहां उसके साथियों ने डायमंड स्काई, लोटस, नेनबेट, स्पीन पंजाब एक्सचेंज जैसे एस के माध्यम से सट्टेबाजी की। सीरीज का नाम यूवीए टी-20 प्रीमियर लीग इन श्रीलंका रखा था। लोगों को यही बताया गया कि टूर्नामेंट श्रीलंका में ही करवाया जा रहा है। यहां खिलाड़ियों को मास्क पहनाकर मैदान में उतारा गया। लेकिन यूनिफार्म श्रीलंका की टीम जैसी ही थी।
इन सट्टेबाजों की रही अहम भूमिका
आरोपी ने बताया कि उसे क्रिकेट के इंटरनेशनल मैच कराने का अनुभव है। क्रिकेट की दुनिया में सट्टेबाजी करने वाले दिल्ली निवासी बुकी राहुल पटेल, संदीप जैन, कुल्लू जैन, गूगल भी उसके गोरखधंधे में शामिल थे।
जालंधर से बनवाई श्रीलंका जैसी ड्रेस, सारा रिकॉर्ड पुलिस के पास
आरोपी ने टूर्नामेंट से पहले फुलप्रूफ तैयार की थी। उसने श्रीलंका के खिलाड़ियों जैसी हूबहू ड्रेस जालंधर में तैयार कराई थी। इसका आर्डर ऑनलाइन दिया था। पुलिस ने उस फर्म का सारा रिकार्ड कब्जे में ले लिया है, जहां से उसने वर्दियां बनवाई थीं।
स्वाड़ा के मैदान को यूं दिखाया श्रीलंका
खरड़ के गांव स्वाड़ा के मैदान को श्रीलंका का दिखाने के लिए भी रविंदर ने बहुत सर्च की। मैच को कवर करने के लिए हाई रेेज्योलेशन वाले हाईटैक कैमरे लगवाए गए थे। ताकि सोशल एप पर चलता हुआ मैच श्रीलंका का दिखे। लाइव कवरेज दिखाने के लिए इंटरनेट का टावर तक लगाया गया था। इसके अलावा ग्राउंड के किनारे पर बैठने के लिए शानदार हट बनवाईं थीं। सेलिब्रेशन व लीग के फ्लैग भी लगाए हुए थे।
मोहाली। ऑनलाइन स्ट्रीमिंग के जरिए खरड़ के गांव में मैच कराकर उसे श्रीलंका में चल रही लीग बताने वाले रविंदर डंडीवाल का नेटवर्क श्रीलंका से ऑस्ट्रेलिया तक फैला था। उसने वहां भी फर्जी टूर्नामेंट कराकर सट्टे में करोड़ों के वारे न्यारे किए। पुलिस की पूछताछ में उसने इसका खुलासा किया है।
पुलिस के मुताबिक, पिछले सप्ताह ऑस्ट्रेलिया की विक्टोरिया पुलिस की गिरफ्त में आए उसके भतीजे वहां कुक का काम करते हुए मैच फिक्सिंग और सट्टेबाजी में सक्रिय थे। इतना ही नहीं ब्राजील और इजिप्ट में हुई टेबल टेनिस सीरीज में भी उन्होंने कई मैच फिक्स कराए थे। पुलिस ने रविंदर डंडीवाल का पासपोर्ट जब्त कर लिया है। इससे साफ हुआ कि वह पहले जीरकपुर रहता था, फिर मोहाली आया। ज्यादातर समय विदेशों में बिताता था।
पहली बार टीम लेकर गया था श्रीलंका
आरोपी ने बताया कि साल 2016 के अगस्त-सितंबर महीने में वह पहली बार 18 सदस्यीय टीम लेकर श्रीलंका गया था। इसमें खिलाड़ी, फिजियो कोच, मैनेजर व खुद शामिल था। साल 2016 के दिसंबर में अपने क्लब की टीम को लेकर ऑस्ट्रेलिया भी गया था। जहां पर बिलो फेस्ट नाम पर हर साल होने वाले क्रिकेट टूर्नामेंट में हिस्सा लिया था। इस टूर्नामेंट में मैच फिक्सिंग को लेकर बड़े स्तर पर स्कैंडल होने पर उसका नाम जुड़ा था। इसकी जानकारी गूगल पर उपलब्ध है। मार्च 2017 में आरोपी अपने क्लब सीसीआई के अधीन टीम लेकर क्रिकेट टूर्नामेंट में हिस्सा लेने दुबई गया था। वहां पर क्रिकेट में दिलचस्पी रखने वाले स्पॉन्सर व बुकी से उसका संपर्क हुआ था।
नेपाल में करवाए मैचों में खूब पैसा कमाया
रविंदर ने पुलिस को बताया कि उसने एशियन क्लब प्रीमियर लीग (एपीएल) टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट अपनी अल्टीमेट स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कंपनी के अधीन काठमांडू कराया था। इस टूर्नामेंट को रविंदर ने स्पांसर किया था। इसमें बड़े स्तर के बुकी शामिल हुए थे। इस टूर्नामेंट में बड़े स्तर पर सट्टेबाजी होने की एक वजह यह भी थी कि इस टूर्नामेंट का लाइव प्रसारण एक नामी चैनल पर किया गया था।
थाईलैंड में टेनिस टूर्नामेंट कराया
आरोपी ने अप्रैल 2018 में अपने एक जानकार के साथ मिलकर थाईलैंड ओपन के नाम से लॉन टेनिस एसोसिएशन ऑफ थाईलैंड के अधीन भी टूर्नामेंट कराया था।
अफगानिस्तान प्रीमियम लीग में हुआ था शामिल
आरोपी ने पुलिस को बताया कि अक्तूबर 2018 में वह अफगानिस्तान प्रीमियर लीग में केबल जबनान नाम की टीम के सीईओ (चीफ ऑपरेटिंग अफसर) के रूप में दुबई जा चुका है। लेकिन इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने किसी कारण के चलते उसे टीम से हटा दिया था। रविंदर के मुताबिक इस टूर्नामेंट को शारजाह यूएआई के असीम सेठी नाम के व्यक्ति ने आर्गेनाइज किया था। उसकी कंपनी का अफगानिस्तान बोर्ड से टाईअप था। इसमें कंपनी का हिस्सा 49 फीसदी व बोर्ड का 51 फीसदी रहा है।