गुर अमृत सिंह कालरा और दानिश झांजी।
संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) मेन का परिणाम सोमवार देर रात जारी कर दिया गया। परीक्षा में मोहाली के गुर अमृत सिंह कालरा ने 100 पर्सेंटाइल अंक हासिल कर ट्राइसिटी का नाम रोशन किया है। देश में छह विद्यार्थियों को 100 पर्सेंटाइल अंक मिले हैं, जिनमें गुर अमृत सिंह कालरा चौथे नंबर पर शामिल हैं। वह अपने परिणाम से खुश हैं। रात को परिणाम निकालते समय एनटीए की वेबसाइट हैंग होने के कारण विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
जेईई मेन की परीक्षा 25 फरवरी से लेकर 28 फरवरी तक ऑनलाइन आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में ट्राइसिटी से लगभग 15 हजार विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया था। शिक्षाविदों का कहना है कि इनमें से लगभग एक हजार से अधिक विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। जेईई मेन का परिणाम रविवार को घोषित किया जाना था लेकिन विद्यार्थी रातभर इंतजार करते रहे। सोमवार रात परिणाम जारी किया गया। अचानक परिणाम सामने आया तो युवाओं ने एनटीए की वेबसाइट खोली और कुछ ही देर में इस पर भार पड़ने के कारण यह हैंग हो गई। कोचिंग सेंटर संचालक भी परिणाम नहीं निकाल सके।
जेईई एडवांस पास कर आईआईटी बांबे में दाखिला लूंगा : गुर अमृत
मोहाली के सेक्टर-74 निवासी गुर अमृत सिंह का कहना है कि वह अब जेईई एडवांस्ड की तैयारी कर रहे हैं। आईआईटी बांबे में दाखिला लेने की इच्छा है और इंजीनियर बनना है। पिता प्रियदर्शन सिंह कपड़े के व्यवसायी हैं जबकि मां प्रीति गृहिणी हैं। गुर अमृत कहते हैं कि उन्होंने कक्षा दस से ही जेईई मेन की तैयारी शुरू कर दी थी।
कक्षा 11 तक छह घंटे पढ़ाई की और फिर कक्षा 12 में आते ही प्रतिदिन आठ घंटे पढ़ना शुरू कर दिया। लॉकडाउन में निजी कोचिंग संस्थान से ऑनलाइन कक्षाएं लीं। बताया कि कोचिंग से पढ़ाई में मदद मिल जाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि एकाग्र होकर अध्ययन करना करना चाहिए। उन्होंने बताया कि वह वर्तमान में भवन विद्यालय चंडीगढ़ के विद्यार्थी हैं। कहते हैं कि पढ़ाई के साथ-साथ हर दिन दो घंटे खेलने के लिए भी निकालते थे।
दानिश झांजी भी इंजीनियर बनना चाहते
मूलरूप से पंजाब के फिरोजपुर निवासी दानिश झांजी को 99.99 पर्सेंटाइल अंक मिले हैं। दानिश ने बताया कि अब वह जेईई एडवांस की तैयारी में जुटे हैं। पिता सरकारी कॉलेज में जूनियर तकनीशियन हैं। कहते हैं कि अध्ययन जितना किया था उतने अंक मिले हैं। पेपर भी अच्छा हुआ था। पेपर की तैयारी वह दो साल से कर रहे थे। चंडीगढ़ के एक निजी कोचिंग संस्थान से पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बिना मेहनत के सफलता नहीं मिल सकती। विद्यार्थियों को समय प्रबंधन के हिसाब से पढ़ना होगा।