चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों की दलील से मोहाली के अधिकारी संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद बैठक में यह निर्णय लिया गया कि उस पूरे क्षेत्र का चंडीगढ़ और मोहाली के राजस्व अधिकारी सीमांकन करेंगे, जिससे यह साफ हो जाएगा कि वह जमीन किसकी है।
चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने इस वाकये के बाद यूटी के चीफ इंजीनियर मुकेश आनंद को एक पत्र लिखकर बताया है कि चंडीगढ़ और मोहाली के बार्डर पर कई जगह मोहाली की तरफ से अतिक्रमण करने की कोशिश की जा रही है। इसे तत्काल रोकने की जरूरत है।
मोहाली ने दीवार खड़ी कर निर्माण कार्य कर दिया था शुरू
मोहाली नगर निगम की तरफ से यह निर्माण कार्य शुरू कराया गया था। वहां पर एक दीवार खड़ी कर उस जमीन को चंडीगढ़ से अलग करने की कोशिश की गई और फिर वहां पर सीमेंट, ईंट और बजरी गिराकर पक्की पार्किंग बनाने का काम शुरू कर दिया गया।
सेक्टर-63 के फ्लैट्स में रहने वाले लोगों की तरफ से ही पहले चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड को शिकायत भेजी गई थी, जिसके आधार पर डीसी ने पुलिस टीम भेजी और फिर निर्माण कार्य को रुकवाया गया है।