हेड कांस्टेबल द्वारा अपने ही ससुराल परिवार के चार लोगों की हत्या का मामले में मोगा पुलिस की अफसरशाही पूरी तरह से उलझती नजर आ रही है। पहले 17 फरवरी को थाना सिटी में पुलिस ने आरोपी हवलदार कुलविंदर सिंह के खिलाफ पुलिस लाइन से एके-47 व 75 जिंदा कारतूस चोरी करने का मामला दर्ज किया।
अब 18 फरवरी को एसएसपी के आदेशों पर पुलिस लाइन के कोत इंचार्ज हवलदार बलबीर सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। इसकी पुष्टि करते हुए डीएसपी कुलजिंदर सिंह ने बताया कि पुलिस लाइन के कोत इंचार्ज (असलहा शाखा इंचार्ज) बलबीर सिंह के बयान पर हवलदार कुलविंदर सिंह पर कोत रूम से एके-47 राइफल व जिंदा कारतूस चोरी करने का केस दर्ज किया गया था।
वहीं जांच दौरान पाया गया कि कोत इंचार्ज हवलदार बलबीर सिंह ने गैर जिम्मेदारी दिखाते हुए कोत रूम की चाबी अपनी वर्दी की जेब में रखी, जहां से आरोपी हवलदार कुलविंदर सिंह ने चाभी चोरी करते हुए कोत रूम से सरकारी एके-47 व 75 जिंदा कारतूस चोरी कर लिए। इसलिए एसएसपी मोगा हरमनबीर सिंह गिल के आदेशों पर आरोपी कोत इंचार्ज हवलदार बलबीर सिंह को सस्पेंड किया गया है।
हवलदार सस्पेंड, पुलिस कार्यशैली पर उठे सवाल
मीडिया ने पुलिस की कहानी को उजागर कर दिया तो एसएसपी हरमनबीर सिंह गिल ने अपनी साख बचाने को कोत रूम के इंचार्ज हवलदार बलबीर सिंह को भी सस्पेंड कर दिया और कारण बताया गया कि हवलदार बलबीर सिंह ने कोत रूम की चाभी संभालने में कोताही बरती है। मोगा पुलिस के अब इस पैंतरे के बाद से पुलिस अधिकारियों की कार्यशैली पर एक और बड़ा सवालिया निशान लग गया है।