बजट पहले ही तैयार किया जा चुका है। सीएम मनोहर लाल ने हुड्डा को जवाब देते हुए कहा कि बजट पेश करने से पहले विधानसभा में सदन पटल पर प्रदेश की वित्तीय रिपोर्ट रखी जाएगी। वित्तीय स्थिति को लेकर वित्त विभाग एक अलग तरह के प्रावधान के तहत अपनी रिपोर्ट रखता है। अब तक सरकार की 1590 योजनाएं थी।
इस बार इनमें से 350-400 योजनाओं को अन्य में समायोजित कर देंगे। सीएम ने कहा कि सरकार का न्यूनतम साझा कार्यक्रम कोई अलग कार्यक्रम नहीं है। जिसके लिए अलग बजट का प्रावधान किया जाए। यह दोनों राजनीतिक दलों की समान घोषणाएं है। परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर चर्चा हुई है। बजट बढ़ाने के सुझाव आए हैं। कितनी बढ़ोतरी होगी ये बजट में तय होगा।
मूलचंद ने पुलिस कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
खनन एवं भूगर्भ विभाग के मंत्री मूलचंद शर्मा ने अवैध खनन पर पुलिस को घेरा है। उन्होंने कहा, अवैध खनन को लेकर कुछ स्थानों पर छापे मारे हैं। पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मंत्री ने कहा कि अवैध खनन कर वाहन एक स्थान पर जाता है क्या इसकी जानकारी संबंधित पुलिस थाने को नहीं होती। इस बारे में जल्दी गृह मंत्री अनिल विज को पत्र लिखूंगा। फोन पर इस संबंध में मेरी बातचीत हो चुकी है। गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि खनन मंत्री का न तो उन्हें कोई फोन आया है न ही अवैध खनन को लेकर उनसे कोई बातचीत हुई है।
विपक्ष से मिले सुझाव, बयानबाजी स्वभाविक: सीएम
सीएम मनोहर लाल ने बताया कि स्वास्थ्य, खेल और युवा विभाग को लेकर सुबह के सत्र में चर्चा हुई है। इस बार का बजट वास्तव में ही जनता का बजट होगा। राजनीतिक लाइन से अलग होकर प्री-बजट चर्चा तय की गई थी। विपक्ष के सुझाव आ रहे हैं, चर्चा से बाहर आकर जो बयानबाजी हो रही है, वह विपक्ष के नाते स्वाभाविक है।
बजट को बनाने के लिए 19 तारीख के बाद सरकार के पास पर्याप्त समय है। तमाम अच्छे सुझावों को बजट में शामिल किया जाएगा। जो सुझाव सही नहीं है जरूरी नहीं है उनको बजट में शामिल करें। हर विधानसभा क्षेत्र और विधायक की प्राथमिकताएं अलग-अलग हो सकती हैं। सभी की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर ज्यादा से ज्यादा सुझाव बजट में शामिल किए जाएंगे।