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ऑर्बिट कांड: पंजाब सरकार को हाईकोर्ट से नोटिस

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मोगा में ऑर्बिट बस में छेड़छाड़ के बाद नाबालिग को चलती बस से बाहर फेंकने के मामले में हाईकोर्ट ने ऑर्बिट बस के मालिक और पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर दिया है।
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साथ ही, पंजाब सरकार से पूछा है कि इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गई है? हाईकोर्ट ने सभी सरकारी और प्राइवेट बसों के रूट के बयोरा भी तलब किया है। साथ ही, प्राइवेट बसों के मालिकों की पूरी जानकारी भी मांगी है।

हाईकोर्ट ने एडवोकेट एचसी अरोड़ा और एडवोकेट आरएस बैंस को मामले में एमकिस कुरे नियुक्त किया है।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से लिए गए स्व: संज्ञान के मामले की सुनवाई आज हुई। जस्टिस हेमंत गुप्ता व जस्टिस लीजा गिल की डिवीजन बेंच के समक्ष इस मामले की सुनवाई हुई।
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गौरतलब है कि जस्टिस हरिंदर सिंह सिद्धू की ओर से मामले में खुद को अलग करने के कारण जस्टिस एसके मित्तल की डिवीजन बेंच ने मामला दूसरी बेंच को रेफर कर दिया था।
हाईकोर्ट ने यह स्व: संज्ञान मोहाली के राजकुमार लूथर की ओर से एक्टिंग चीफ जस्टिस को लिखे पत्र पर लिया था। उन्होंने पत्र में कहा था कि वह मोगा कांड से आहत हैं। आग्रह किया था कि इस मामले में हाईकोर्ट संज्ञान लेकर ऐसे गुंडा तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।
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सुच्चा सिंह छोटेपुर की अर्जी हाईकोर्ट में खारिज

हाईकोर्ट ने आम आदमी पार्टी के पंजाब अध्यक्ष सुच्चा सिंह छोटेपुर की अर्जी खारिज कर दी है। छोटेपुर ने एडवोकेट आरएस बैंस के माध्यम से अर्जी दाखिल करके प्रतिवादी बनने की मांग की थी। यह मांग भी की थी कि हाईकोर्ट की निगरानी में मोगा कांड की न्यायिक जांच हो। छोटेपुर ने अर्जी में आरोप लगाया था कि सरकार पीड़ित पक्ष पर दबाव बना रही है। लिहाजा, पीड़ित पक्ष को केंद्रीय बलों की सुरक्षा दी जाए।

छोटेपुर ने यह भी कहा था कि जैसे दिल्ली के निर्भया कांड में बस कंपनी के मालिक के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था, उसी प्रकार बगैर भेदभाव के ऑर्बिट बस के मालिकों पर भी मामला दर्ज किया जाए। उधर, स्व: संज्ञान मामले में एडवोकेट एचसी अरोड़ा ने भी हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल कर मांग की है कि पंजाब में निजी बसों के रूट व परमिट तय करने के लिए जज की अध्यक्षा में कमेटी गठित हो और यही कमेटी निजी लग्जरी बसों के किराए तय करे।
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