आबादी के नजदीक एक दुकान के ऊपर निजी कंपनी द्वारा मोबाइल टावर लगाने के विरोध में वीरवार को अभयपुर के लोग सड़क पर उतर आए और जाम लगाकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने हुडा और नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की।
इसके बाद दुकान मालिक ने नगर निगम को तत्काल एक पत्र लिखा और मानकों की पूरी जानकारियां नहीं होने का हवाला देेते हुए टावर हटाने का आवेदन दिया है।
अब नगर निगम की ओर से शुक्रवार को टावर लगाने के लिए लगाए गए उपकरणों को वहां से हटवाया जाएगा। इसके अलावा नगर निगम ने सभी टावरों का सर्वे कराने के आदेश भी दे दिए हैं।
मोबाइल टावरों के मुद्दे पर पहले ही राजनीतिक पार्टियाें के बीच बयानबाजी चल रही है, लेकिन पहली बार ऐसा हुआ जब टावर लगने से पहले ही उसे लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा।
गांव अभयपुर के दुकान नंबर-16 पर बुधवार रात को कंपनी की ओर से टावर लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
सुबह जैसे ही लोगों को इसकी जानकारी मिली, उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। दुकान मालिक इंद्रजीत सिंह ने बताया कि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि कंपनी ने मंजूरी ली है या नहीं।
विरोध के बाद उन्होंने नगर निगम के कार्यकारी अधिकारी ओपी सिहाग से मिलकर उन्हें इस मामले में पूरी जानकारी दी और टावर नहीं लगाने लिखित में सिफारिश की।
कांग्रेसी-भाजपाई नेता भी पहुंचे
स्थानीय लोगों के विरोध के राजनीतिक दलों के नेता भी इसमें शामिल हुए। कांग्रेसी नेता कृष्ण गोयल, अंकुर गुलाटी, भाजपा के मंडल प्रधान हरिंद्र मलिक, पूर्व मीडिया प्रभारी राजकुमार ने भी लोगों की मांग को जायज ठहराया और नगर निगम व हुडा अधिकारियों को फोन करके टावर हटाने की मांग की।
इसके बावजूद जब अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे तो लोगों ने गांव अभयपुर व इंडस्ट्रियल एरिया के बीच की सड़क पर जाम लगा दिया।
इसके बाद स्थानीय पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा। एसडीएम गुरमीत सिंह ने टावर हटाने का आश्वासन दिलाकर जाम खुलवाया।
हुडा चुप, नगर निगम जागा
विवाद के बाद जहां हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने चुप्पी साध ली, वहीं नगर निगम ने पहल करते हुए सभी टावरों का सर्वे कराने के आदेश दे दिए।
माना जा रहा है कि आचारसंहिता लागू होने तक टावरों केे लोकेशन, नियमों के पालन सहित अन्य जानकारियां भी इकट्ठी कर ली जाएंगी, ताकि मोबाइल टावरों पर दुविधा दूर हो सके।
इसके बाद नगर निगम की ओर से अवैध टावर हटाने का काम शुरू किया जाएगा।