केवल दो विधायक कुलजीत सिंह नागरा और सुखपाल सिंह खैरा ने ही आयकर खुद भरा। अब सूबे की नई सरकार इस पर कड़ा फैसला लेने जा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार के इस फैसले की आज घोषणा करेंगे कि अब आयकर खुद विधायक भरेंगे। इससे सरकार के खजाने पर लगभग 70 लाख रुपये साल की बचत होगी। बता दें कि अमरिंदर सिंह के कार्यकाल के दौरान 2.75 करोड़ रुपये विधायकों के आयकर भरने में खर्च हुए थे।
एक विधायक एक पेंशन का हो चुका फैसला
इस फैसले से पहले पंजाब सरकार ने एक विधायक एक पेंशन का फैसला लिया था। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस फैसले के दौरान कहा था कि सरकार के इस फैसले से सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ कम होगा। विधायकों की पेंशन से बचने वाले पैसों को जन सरोकारों के कार्यों में खर्च किया जाएगा।
अन्य भत्तों में भी कटौती की तैयारी
पंजाब की सरकार विधायकों को लेकर अब तक दो बड़े फैसले कर चुकी है। अब सरकार विधायकों को मिलने वाले भत्तों में भी कटौती की तैयारी कर रही है। सरकार के प्रवक्ता के अनुसार जल्द ही विधायकों को लाखों रुपये के मिलने वाले भत्तों की कटौती पर भी फैसला सरकार लेगी।
कैबिनेट में कई फैसलों पर लगेगी मुहर
पंजाब सरकार की सोमवार को दूसरी कैबिनेट बैठक का आयोजन होगा। इस बैठक में सरकार के द्वारा कई मुद्दों पर अहम फैसले लिए जाएंगे। सरकार के सूत्रों के अनुसार पंजाब के गेहूं किसानों को प्रति एकड़ 500 रुपये बोनस दिए जाने के फैसले पर अंतिम मुहर लगा सकती है।