पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के शून्यकाल में ईवीएम के बजाय मतपत्र (बैलेट पेपर) से चुनाव कराने का मुद्दा उठाया गया। इसका सदन के सभी सदस्यों ने समर्थन किया। लोक इंसाफ पार्टी के विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने ईवीएम से चुनाव का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि संविधान राज्य सरकारों को यह अधिकार देता है कि वे चाहें तो ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव करा सकती हैं।
महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर नाना पाटोले ने संविधान के अनुच्छेद 328 के तहत इस मामले में एक कमेटी का गठन किया था, जिसकी रिपोर्ट भी उन्हें मिल गई है। इस कमेटी ने स्पष्ट कर दिया है कि महाराष्ट्र विधानसभा को यह अधिकार है कि वह ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से मतदान की प्रक्रिया पूरी करे। बैंस ने सदन को जानकारी दी कि महाराष्ट्र विधानसभा के अगले सत्र में इस संबंध में प्रस्ताव आ रहा है। इस पर स्पीकर राणा केपी सिंह ने कहा कि वे इस मामले की तस्दीक कराएंगे।
अमेरिका-इंग्लैंड भी ईवीएम से चुनाव को नामंजूर कर चुके हैं : सिद्धू
सदन में मौजूद पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने भी बैंस के उठाए गए मुद्दे का समर्थन करते हुए स्पीकर से इस मामले पर ध्यान देने का आग्रह किया। कांग्रेस के नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि वे बैंस की बात का समर्थन करते हैं। अमेरिका, इंग्लैंड भी ईवीएम से चुनाव को नामंजूर कर चुके हैं। उन देशों का मानना है कि तकनीक में छेड़छाड़ संभव है।
बैलेट से मतदान में पर्चियों को नहीं बदला जा सकता। सिद्धू ने कहा कि केंद्र सरकार ने सार्वजनिक संस्थाओं को कठपुतली बना दिया है। किसान भी मांग कर रहे हैं कि चुनाव ईवीएम से न कराए जाएं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने सीबीआई, रॉ, न्यायपालिका की बाहें मरोड़ दी हैं। इसलिए सदन में ईवीएम के बारे में प्रस्ताव लाया जाना चाहिए।
चीमा ने अगले चुनाव बैलेट से कराने की मांग की
नेता प्रतिपक्ष और आप विधायक हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि दिल्ली विधानसभा में केजरीवाल सरकार ने मॉक टेस्ट के जरिए ईवीएम में गड़बड़ी दिखाई थी। उन्होंने कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार ईवीएम से ही बनी है। अगर मतदान पर्ची से हो तो पंजाब में ऐसे लोगों का सफाया हो जाएगा। उन्होंने सवाल किया कि जब अमेरिका, जर्मन, फ्रांस बैलेट से चुनाव कर सकते हैं तो हम क्यों नहीं? उन्होंने मांग की कि सदन में प्रस्ताव लाया जाए कि पंजाब में ईवीएम से चुनाव नहीं होंगे और अगले चुनाव पर्ची (बैलेट) से ही कराए जाएं।