पंजाब कांग्रेस में मचे घमासान के बीच सीएम अमरिंदर सिंह अलग थलग पड़ते दिख रहे हैं। बुधवार सुबह पार्टी के नवनियुक्त प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने अमृतसर में होली सिटी स्थित अपने निवास स्थान पर विधायकों के साथ बैठक कर राज्य की राजनीति पर चर्चा की। सिद्धू का दावा रहा कि दो बसों में सवार होकर उनके आवास पर पहुंचे विधायकों की संख्या 70 है। दूसरी ओर, सिद्धू के आवास से मिली खबर के अनुसार इस मीटिंग में 4 कैबिनेट मंत्रियों- सुखजिंदर सिंह रंधावा, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, सुख सरकारिया और चरणजीत सिंह चन्नी के अलावा 45 विधायक मौजूद रहे। इस तरह सिद्धू की शक्ति प्रदर्शन वाली इस मीटिंग में जुटे विधायक दल की संख्या 50 के भीतर रही है।
इससे पहले सिद्धू मंगलवार को लगातार चौथे दिन प्रदेश के कांग्रेसी मंत्रियों, विधायकों और सीनियर नेताओं के साथ मेल-मिलाप की अपनी मुहिम में जुटे रहे। इस मुहिम का ही असर है कि सोमवार को कैप्टन के आवास पर उन्हें समर्थन देने पहुंचे विधायक राजकुमार वेरका मंगलवार को अमृतसर में सिद्धू के साथ नजर आए। ऐसे में कैप्टन के खेमे में समर्थकों की गिनती घटती नजर आ रही है। प्रदेश के अधिकतर मंत्री और विधायक अब सिद्धू की नियुक्ति पर आलाकमान के फैसले को सही ठहरा रहे हैं। हालांकि, पार्टी की दिग्गज टकसाली नेता अभी भी खामोश हैं। उन्होंने सिद्धू की नियुक्ति पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।