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Haryana News: बिजली की तारों में उलझे मंत्री, दुष्यंत चौटाला बचाव में उतरे, कमेटी बनाने की बात कही

Thu, 23 Feb 2023 01:01 AM IST
ajay kumar प्रवीण पाण्डेय, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

प्रश्नकाल के दौरान वरुण मुलाना ने सवाल किया कि बिजली विभाग शक्तियों का दुरुपयोग कर रहा है। विभाग के जेई ड्राईंग बनाकर दे देता है कि तार और खंभे यहां से जाएंगे और वरिष्ठ अधिकारी चेक तक नहीं करते। जब यही खंभे और तार हटावाने हो तो फाइल सुपरिटेंडिंग इंजीनियर तक जाती है।
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हरियाणा विधानसभा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा विधानसभा में युवा विधायक वरुण मुलाना ने बिजली की तारों और खंभो को हटाने में व्याप्त भ्रष्टाचार के लिए बिजली मंत्री रणजीत चौटाला पर सवाल दागे। रणजीत चौटाला ने इस मामले में जांच का आश्वासन तो दिया लेकिन पूरे होमवर्क के साथ आए वरुण ने विभाग का पूरा खाका पेश किया। दादा रणजीत चौटाला को मामले में घिरता देख पौत्र दुष्यंत चौटाला ने बात संभालने की कोशिश की लेकिन स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने दुष्यंत को रोक दिया।

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प्रश्नकाल के दौरान वरुण मुलाना ने सवाल किया कि बिजली विभाग शक्तियों का दुरुपयोग कर रहा है। विभाग के जेई ड्राईंग बनाकर दे देता है कि तार और खंभे यहां से जाएंगे और वरिष्ठ अधिकारी चेक तक नहीं करते। जब यही खंभे और तार हटावाने हो तो फाइल सुपरिटेंडिंग इंजीनियर तक जाती है। तारें हटवाने की कोई समय सीमा नहीं होती उल्टा जिसकी जमीन होती है उससे शपथपत्र मांगा जाता है। 

नई संरचना का पैसा लिया जाता है। जनता से नट, बोल्ट, खंभे और तार तक के पैसे लिए जाते हैं और यह सामान स्टोर में जमा भी नहीं किया जाता। लाइन हटवाने के नाम पर जनता से विभागीय शुल्क, जीएसटी, लेबर चार्ज और ढुलाई का खर्च भी वसूला जाता है। रिहायशी इलाके में तार हटवाने का बोझ जनता पर इस तरह से डाला जाता है कि जनता परेशान हो जाए।

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विधायक की बात पर बिजली मंत्री रणजीत चौटाला ने सदन में कहा कि यदि ऐसा है तो मैं इस मामले की जांच करवाऊंगा। बिजली मंत्री के जवाब के बावजूद वरण मुलाना अड़ रहे और उन्होंने कहा कि इस काम को राइट टू सर्विस एक्ट के तहत लाया जाए यदि कोई पैसा देता है तो उसका खंभा हटता है अन्यथा नहीं।

बात आगे बढ़ी तो दुष्यंत चौटाला ने मोर्चा संभाला और कहा कि इस मामले में दूसरें राज्यों का अध्ययन करवा लेते हैं और एक कमेटी बना देते हैं। उनकी इस बात पर विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा कि यह तो जनहित का काम है करना चाहिए। हम जनप्रतिनिध यहां इसीलिए बैठे हैं। स्पीकर की इस बात पर अन्य विधायक भी सहमत दिखे और उन्होंने मेज थपथपा कर स्पीकर की बात का समर्थन किया।

स्पीकर ने मिलाया वरुण के सुर में सुर
मुलाना से कांग्रेस विधायक वरुण चौधरी ने बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान सदन में यह मुद्दा उठाया। उनकी मांग पर पक्ष-विपक्ष के कई विधायकों के साथ खुद स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने भी सुर से सुर मिलाया। स्पीकर ने इस मुद्दे पर यहां तक कह दिया कि वे तो खुद भुक्त भोगी हैं। उन्हें पता है कि एक खंभा कैसे हटवाया गया था।

स्पीकर बोले जिनकी जमीन पर खंभा उन्हें कुछ देते हो क्या
स्पीकर ने कहा कि जब लोगों की जमीन का इस्तेमाल खंभों के लिए किया जाता है तो उन्हें किराया भी मिलना चाहिए। जब किराया नहीं देते तो पूरी सरंचना का बोझ उन पर क्यों डाला जाता है। अगर पुराने खंभे और तार इस्तेमाल में लाई जा सकती हैं तो उनका इस्तेमाल क्यों नहीं किया जाता। इस दौरान बिजली मंत्री रणजीत सिंह ने कहा कि निजी रिहायशी भूमि पर बिजली के लगाए गये खंभों को हटाने या दूसरी जगह लगाने की समीक्षा की जाएगी।
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