विधायक सिमरजीत सिंह बैंस और अन्य
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सोमवार को उन्होंने चिट्टा लाइव खरीद कर पुलिस की कारगुजारी को सभी के सामने लाने की योजना बनाई। वह अपने एक साथी के साथ फेसबुक पर लाइव हुए और फिर उनका साथी एक्टिवा लेकर चिट्टा खरीदने गया। वह अपनी कार पर चीमा चौक पर उसका इंतजार करते रहे और फेसबुक पर लाइव देखते रहे।
उन्होंने बताया कि वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि चीमा चौक के पास एक बस्ती में एक व्यक्ति तीन सौ रुपये प्रति पैकेट के हिसाब से चिट्टा बेच रहा है। उसके आस-पास महिलाएं और बच्चे भी खड़े हैं। बेधड़क होकर वह वहां आने वाले लोगों को तीन सौ रुपये लेकर पैकेट दे रहा है। उन्होंने कहा कि उनके साथी ने इस व्यक्ति से पहले दो पैकेट लिए लेकिन उन्होंने दोबारा उसे दो और पैकेट लाने के लिए भेज दिया।
विधायक ने कहा कि पिछले साल एक से सात जुलाई तक चिट्टा विरोधी सप्ताह मनाया था तो एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया था। नशे की 667 शिकायत लिखित में उन्होंने मुख्यमंत्री और एसटीएफ को दी थी। लेकिन एक पर भी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर में आलू की तरह चिट्टा बिक रहा है। जब वह पुलिस कमिश्नर दफ्तर पहुंचे तो पुलिस का रवैया सही नहीं था।
पुलिस कमिश्नर ने कार्रवाई करने के बजाय शिकायत देने को कह दिया। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि बैंस को यहां आने के बजाय पुलिस थाना जाना चाहिए था। एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई के लिए काफी शर्तें हैं। विधायक बैंस ने मामले की पंजाब पुलिस प्रमुख दिनकर गुप्ता, पुलिस कमिश्नर और चुनाव आयोग को लिखित शिकायत भेज दी है।