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मुख्यमंत्री पर भड़के विधायक बलराज कुंडू, बोले- ग्रोवर को क्लीन चिट देकर की प्रजातंत्र की हत्या

Mon, 02 Mar 2020 02:58 PM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला नेटवर्क, रोहतक/महम
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विधायक बलराज कुंडू - फोटो : फाइल फोटो
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हरियाणा प्रदेश की सियासी राजधानी में राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है। महम के विधायक बलराज कुंडू ने सीएम मनोहर लाल पर अपनी भड़ास निकाली। चौबीसी के चबूतरे पर जनसभा की और मंच से सीएम मनोहर लाल, पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर से लेकर कांग्रेस के पूर्व सीएम एवं विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा तक पर निशाना साधा। कुंडू ने कहा कि राजनीति में मैं सीएम मनोहर लाल को अपना आदर्श मानता था, लेकिन भ्रष्टाचार की लड़ाई में जांच करना तो दूर, विधानसभा के अंदर पूर्व मंत्री ग्रोवर को पहले ही क्लीनचिट दे दी।
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इतना ही नहीं, विधानसभा के अंदर विपक्ष के नेता एवं पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी मेरा साथ नहीं दिया। इस लड़ाई में मैं अकेला पड़ गया। अब मामले को जनता के बीच लडूंगा। इसके लिए 22 मार्च को रोहतक के मेला ग्राउंड में प्रदेश स्तरीय रैली करूंगा। मेला ग्राउंड में पीएम मोदी, डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला से लेकर पूर्व सीएम हुड्डा भी रैली कर चुके हैं। मंच से समर्थकों को संबोधित करते हुए बलराज कुंडू ने कहा कि हलके की जनता ने जिस उम्मीद के साथ विधानसभा भेजा, उस पर खरा उतरने के लिए जान की बाजी लगा दूंगा।

पैसे व पद के लालच में राजनीति में नहीं आया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की ईमानदारी से प्रभावित होकर भाजपा को समर्थन दिया, लेकिन विधानसभा में उन्होंने सुबूत सौंपने के बाद भी पूर्व मंत्री को बिना जांच किए क्लीनचिट दे दी। कुंडू ने आरोप लगाया कि भाजपा में केवल लोक दिखावे के लिए ईमानदारी की बात की जाती है।
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मुझे मिल रही हैं धमकियां, सुनकर मां-बाप हुए बीमार

भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने के बाद धमकी मिल रही हैं। धमकियों के कारण माता-पिता बीमार हो चुके हैं, लेकिन मैं, जनता की खून पसीने की कमाई को लूटने वालों को जब तक सलाखों के पीछे नहीं देख लूंगा, तब तक चैन की सांस नहीं लूंगा।

जाट आरक्षण आंदोलन हिंसा को लेकर फिर लगाया पूर्व मंत्री पर आरोप
विधायक बलराज कुंडू ने पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर पर भ्रष्टाचार के अलावा जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान भी संदिग्ध भूमिका होने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री के इशारे पर रोहतक में आगजनी हुई, जिसमें कई युवाओं की जान चली गई।

उन्होंने कहा कि अगर पूर्व मंत्री ने कोई भ्रष्टाचार नहीं किया व जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान उनकी भूमिका नहीं है तो मुख्यमंत्री मनोहर लाल जांच करवाने से क्यों डर रहे हैं। मुख्यमंत्री को क्लीनचिट देने की बजाय उच्च स्तरीय कमेटी से जांच करवाने की घोषणा करनी चाहिए थी। क्लीनचिट देने से पार्टी व मुख्यमंत्री की साख प्रभावित हुई है।
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