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लापता पावन स्वरूपों का मामला, सिख संगठनों की 28 सितंबर को बजट अधिवेशन के घेराव की घोषणा

Fri, 18 Sep 2020 11:06 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, अमृतसर

सार

  • 22 सितंबर को गोबिंद सिंह लौंगोवाल के घर के बाहर होगा शुरू होगा विरोध प्रदर्शन
  • श्री अकाल तख्त साहिब के नजदीक पंथक संगठनों ने चार घंटे तक की बैठक
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प्रदर्शन करते सिख संगठन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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श्री गुरु ग्रंथ साहिब के लापता पावन स्वरूपों का मामले में अलग-अलग सिख संगठनों ने श्री अकाल तख्त साहिब के नजदीक एक बैठक कर एसजीपीसी अध्यक्ष गोबिंद सिंह लौंगोवाल सहित कार्यकारिणी को आरोपी घोषित किया है। इन संगठनों ने प्रस्ताव पारित कर लौंगोवाल से इस्तीफे की मांग की। लापता पावन स्वरूपों के मामले के आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करवाने की मांग को लेकर सिख संगठन 28 सितंबर को एसजीपीसी मुख्यालय तेजा सिंह समुंद्री हाल में आयोजित बजट अधिवेशन का घेराव करेंगे।
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अलगाववादी संगठन दल खालसा के कंवरपाल सिंह व अकाल फेडरेशन के भाई नरैण सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा की 22 सितंबर को कई सिख संगठनों के हजारों सदस्य गोबिंद सिंह लौंगोवाल के निवास स्थान के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू करेगें। लगभग चार घंटे  चली इस बैठक में सिख संगठनों ने 25 सितंबर को किसानों की ओर से की गई पंजाब बंद की कॉल का समर्थन करने का फैसला किया। इस बैठक में एसजीपीसी परिसर में विरोध प्रदर्शन कर रहे सिख संगठनों के सदस्यों पर लाठीचार्ज करने वाले टास्क फोर्स के कर्मचारियों को बर्खास्त करने की मांग की गई।

इन कर्मचारियों पर दस्तार उतारने व तलवारों से हमला करने के आरोप में आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की गई। बैठक में समांतर जत्थेदार भाई ध्यान सिंह मंड ने कहा कि एसजीपीसी को लापता पावन स्वरूपों का हिसाब देना होगा। यदि एसजीपीसी ऐसा करने में असमर्थ रही तो उसे संगत के विरोध का सामना करना पड़ेगा। इस बैठक में हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष बलजीत सिंह दादूवाल सहित कई नेता मौजूद थे।  
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मूकदर्शक बनकर गया है श्री अकाल तख्त: प्रोफेसर बलजिंद्र

जगतार सिंह हवारा कमेटी के मुखिया प्रोफेसर बलजिंद्र सिंह बताया कि अकाल तख्त साहिब मूकदर्शक बनकर रह गया है। जब एसजीपीसी की टास्क फोर्स ने लाठीचार्ज कर सिखों की दस्तार उतारी तो ज्ञानी हरप्रीत सिंह को उन पर कार्रवाई करनी चाहिए थी। उन्हें आशंका है कि ज्ञानी हरप्रीत सिंह लौंगोवाल, बादल परिवार व टास्क फोर्स की ढाल बनकर रह गए हैं।

लापता पावन स्वरूपों के मामले में श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचे रहे एसजीपीसी कार्यकारिणी सदस्यों व आरोपी एसजीपीसी कर्मचारियों पर पांच सिंह साहिबान फैसला करेंगे। इस अवसर पर आरोपी एसजीपीसी कर्मचारियों व कार्यकारिणी सदस्यों के बीच कोई टकराव पैदा न हो, इसके लिए श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय व परिसर में टास्क फोर्स के साथ-साथ सफेद कपड़ों में पुलिस के जवान तैनात कर दिए गए हैं।

एसजीपीसी ने अवरोध हटाए, टकराव की सीसीटीवी फुटेज की जारी
संगत के भारी विरोध के बाद एसजीपीसी ने गुरु रामदास सराय से लेकर गुरुद्वारा अटल राय साहिब तक के तीन रास्तों पर लगाई गई टिन की चादरों की दीवारों को शुक्रवार को हटा दिया। अमर उजाला ने इन अवरोधों का मामला प्रमुखता से उठाया था। एसजीपीसी ने सिख संगठनों की इस मांग को स्वीकार कर लिया। अवरोधक हटते ही संगत की संख्या बढ़ गई। इसी बीच एसजीपीसी ने दो दिन पहले टास्क फोर्स व सिख संगठनों के समर्थक निहंग सिंहों के बीच हुए झगड़े की सीसीटीवी कैमरा फुटेज भी जारी की है।
 
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