अमृतसर के सीमावर्ती कस्बा घरिंडा की 23 वर्षीय युवती के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। इस मामले में सबसे शर्मनाक बात सामने ये है कि पिता ही अपनी बेटी का दुश्मन बन गया और अपनी बेटी के जिस्म का सौदा करने लगा। पहले उसने अपनी छोटी बेटी को दामाद के सामने और फिर कुछ और लोगों के हवाले कर दुष्कर्म करवाया। पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
रात को कमरे में घुसा जीजा
पीड़ित ने पुलिस को बताया है कि उनका पूरा परिवार मेला देखने गया था। मेला देखने के बाद उनकी मां और बहनें अपने ननिहाल चली गई। वह और उसके पिता घर में अकेले थे। उसी दिन उसका जीजा उनके घर आया और रात को खाना खाने के बाद पिता के साथ कमरे में सो गया। वह अकेली दूसरे कमरे में सो गई। रात को एक बजे जीजा कमरे में आया और उसे पकड़ कर जबरदस्ती कपड़े उतार दिए। उसके साथ दुष्कर्म किया। जब उसने शोर मचाने का प्रयास किया तो उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि उस समय उसके पिता भी जाग रहे थे। उसके पिता ने सब कुछ अपनी आंखों से देखा मगर उसकी कोई मदद नहीं की, उल्टा उसे धमकाया और कहा कि अगर उसने किसी को बताया तो उसे जान से मार देंगे। कुछ समय बाद वह गर्भवती हो गई। इस संबंध में उसने अपनी चाची के साथ बात की। उसकी चाची ने कहा कि इस बारे में किसी को भी नहीं बताना। इसके बाद उसकी चाची ने उसे दवा खिलाई जिससे उसका मिस कैरेज हो गया। खून बहने लगा तो वह बेहोश हो गई। उसकी चाची उसे निजी अस्पताल ले गई। जहां पर फोन कर उसके जीजा और चाचा उसके पास अस्पताल में आ गए।
पैसों की जरूरत बता बिकवाए टॉप्स
इसके कुछ दिन बाद पिता ने कहा कि उसे पैसों की जरूरत है तो अपने कानों के टॉप्स बेच दे। वह अपने पिता के साथ सुनार की दुकान पर गई और टॉप्स बेच दिए। वापस लौटते समय शाम करीब चार बजे उसका पिता उसे संधू पैलेस ले गया। वहां पर उसे एक कमरे में बिठा दिया। इसके एक स्वीट्स शॉप मालिक शमशेर सिंह और टेंट हाउस का मालिक दिलबाग सिंह उसके कमरे में आए और दोनों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद उसने पुलिस में शिकायत की। थाना घरिंडा पुलिस ने पीड़ित लड़की के पिता, जीजा, चाची, आरोपी शमशेर सिंह और दिलबाग सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी की जा रही है।