चंडीगढ़। जो काम चंडीगढ़ प्रशासन को करना था, वह आम लोगों ने कर दिखाया। रायपुरकलां में प्रशासन की ओर से कुछ साल पहले एक बस स्टॉप बनाया गया था लेकिन इलाके से वह करीब 500 मीटर की दूरी पर था। इस वजह से यात्री वहां नहीं जाते थे। स्थानीय निवासियों को घर के पास बस स्टॉप चाहिए था। लोगों को महसूस हुआ कि जब चंडीगढ़ शहर के बस स्टॉप जब इतने दिनों से लटके पड़े हैं तो उनके इलाके के बस स्टॉप का निर्माण कैसे हो पाएगा? इसके बाद इलाके की सर्ब सांझी लंगर सेवा कमेटी (ट्राइसिटी) ने एक मत से फैसला लिया कि वे खुद के पैसे से बस स्टॉप का निर्माण कराएंगे।
कमेटी के सदस्यों ने पैसा इकट्ठा किया और बस स्टॉप का निर्माण करवा दिया। कमेटी के अध्यक्ष राजिंदर सिंह ने बताया कि इस बस स्टॉप से न सिर्फ रायपुरकलां के लोगों को फायदा होगा बल्कि बलटाना के लोगों को भी राहत मिलेगी। बारिश व धूप की वजह से लोगों को खुले आसमान के नीचे बस का इंतजार करना पड़ता था। गर्मियों के दिनों में इतनी ज्यादा परेशानी आती थी कि लोगों को आसपास लगे पेड़ों के नीचे खड़ा होना पड़ता था। उसके बाद सभी सदस्यों ने निर्णय लिया और बस स्टॉप के निर्माण में जुट गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह बस स्टॉप 16 बाई 22 फुट का है। इतना बड़ा स्टॉप शायद ही पूरे ट्राइसिटी में कहीं पर हो।
लोगों ने बताया कि पहले यहां पर बस नहीं रुकती थी। बस रुकवाने के लिए सीटीयू के अधिकारियों से गुहार लगाई। उसके बाद वहां पर बस रुकने लगी। बस स्टॉप पर यात्रियों के बैठने के लिए बेंच लगाई गई हैं। रविवार शाम बस स्टॉप का उद्घाटन कर यात्रियों को समर्पित कर दिया गया। इस मौके पर सतीश मनकोटिया, सतनाम सिंह, गुरमीत सिंह, मंदीप सिंह सैनी, हरमिंदर सिंह मक्खनमाजरा, रामा सैनी, अमरजीत सिंह, पूर्व सरपंच गुरदीप सिंह, सतनाम सिंह लाडी व कमलजीत मौजूद रहे।
संस्था अपने दम पर कर रही है कई काम
समाज के सामने सर्ब सांझी लंगर सेवा कमेटी (ट्राइसिटी) ने मिसाल पेश की है। अपने दम पर संस्था ने इलाके में कई काम करवाएं हैं। कुछ साल पहले संस्था के सदस्यों ने एक पार्क का निर्माण किया था। उसके बाद इलाके में कई पौधे लगाए। उनकी सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड भी उन्होंने लगाए। पानी व खाद के लिए खुद खर्चा उठाते हैं। समय-समय पर लंगर व सामाजिक कार्यक्रम भी करते रहते हैं।