महिला प्रोफेसर ने उस पार्सल को पुलिस को सौंप दिया। इस पार्सल के जरिये ही राजस्थान पुलिस आरोपी तक पहुंची। यहां पता चला कि आरोपी कॉल करने के लिए यूनिवर्सिटी के वाई-फाई का इस्तेमाल करता था और इसके लिए वह अपने पिता व एक पूर्व छात्र की आईडी का इस्तेमाल कर करता था। इसके बाद पुलिस आरोपी को पकड़कर अपने साथ राजस्थान ले गई।
पुलिस पूछताछ में कुबूला गुनाह
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि कुछ दिन पहले मेरे बैग में एक पर्ची मिली, जिस पर लिखा कि तुम लूजर हो। यह बात मुझे काफी खलने लगी। उन दिनों मैं इंटरनेट पर यूनिवर्सिटी सर्च कर रहा था, तभी मुझे एक यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर महिला प्रोफेसरों के फोन नंबर, फोटो व एड्रेस मिले।
खुद को साबित करने के लिए मैं उन्हें इंटरनेट के जरिये अश्लील कॉल करने लगा। इसके लिए मैं पिता व एक पूर्व रिसर्च स्कॉलर की आईडी व पासवर्ड का इस्तेमाल करता था, ताकि पकड़ा न जा सकूं। कॉल करने के बाद मोबाइल से सारा डाटा डिलीट कर देता था।
पहले भी कर चुका था गलत हरकत
आरोपी ने बताया कि मैं शुरू से ही काफी इंटेलीजेंट रहा हूं। आठवीं कक्षा में एक लड़की ने एडमिशन लिया था। वह भी काफी इंटेलीजेंट थी। मुझे इस बात का डर था कि कहीं वह मुझसे आगे न निकल जाए तो मैंने एक आपत्तिजनक पार्सल उसके घर भेज दिया।
वह मेरे पड़ोस में ही रहती थी। हालांकि इस बारे में उन्हें पता भी चल गया। उस समय मैंने व मेरे पिता ने उनसे माफी मांगी थी। आरोपी के मुताबिक बारहवीं कक्षा में मेरे 97 प्रतिशत अंक थे और अब मैं आईआईटी की तैयारी कर रहा हूं।