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मंत्री ओपी सोनी बोले- पहले से कोर्स कर रहे मेडिकल के विद्यार्थियों को नहीं देनी होगी बढ़ी फीस

Fri, 05 Jun 2020 01:58 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री ओम प्रकाश सोनी - फोटो : फाइल फोटो
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पंजाब सरकार ने राज्य के मेडिकल कॉलेजों की फीस में वाजिब वृद्धि की है। यह बात गुरुवार को चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री ओम प्रकाश सोनी ने कही। उन्होंने कहा कि बढ़ी हुई फीस नए सेशन से लागू होगी और पहले से ही चिकित्सा शिक्षा हासिल कर रहे विद्यार्थियों पर इस फीस वृद्धि का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

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सोनी ने कहा कि सरकार ने पहले 2010 और 2015 में मेडिकल कॉलेजों की फीस में संशोधन किया था जो अब की गई वृद्धि से बहुत अधिक था। पिछली अकाली-भाजपा सरकार ने 2010 में फीसों में 98 प्रतिशत वृद्धि की थी और 2015 में 225 प्रतिशत वृद्धि की गई थी। मौजूदा सरकार ने सिर्फ 77 प्रतिशत वृद्धि की है। 


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उन्होंने कहा कि फीस वृद्धि अति आवश्यक थी। इस संबंध में पंजाब सरकार द्वारा गठित डॉ. केके तलवार के नेतृत्व वाली चिकित्सा शिक्षा संबंधी सलाहकार समिति ने सिफारिश की थी। इसके अलावा महंगाई के कारण सरकारी मेडिकल कॉलेजों पर वित्तीय बोझ दिनों दिन बढ़ रहा था। 

उन्होंने कहा कि एक डॉक्टर को तैयार करने में राज्य सरकार का कम-से-कम 13-14 लाख रुपये सालाना खर्च हो जाता है। निजी कॉलेजों में एमबीबीएस के पूरे पाठ्यक्रम की फीस सरकारी मेडिकल कॉलेज के मुकाबले कई गुना अधिक है। सरकार निजी मेडिकल कॉलेजों की फीस में समानता लाने के लिए कई प्रयास कर रही है।
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इतनी बढ़ाई फीस
सरकारी कॉलेजों में अब तक पूरे कोर्स के लिए साढ़े चार लाख रुपये फीस ली जा रही थी, इसे अब बढ़ाकर साढ़े सात लाख रुपये किया गया है। प्राइवेट कॉलेजों में सरकारी कोटे की फीस अब तक साढ़े 13 लाख रुपये थी, जिसे अब साढ़े 18 लाख रुपये किया गया है। इसी तरह प्राइवेट कॉलेजों में मैनेजमेंट कोटा की फीस जो अब तक 40.50 लाख रुपये थी, को बढ़ाकर 47 लाख रुपये किया गया है। 

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