भारतीय महिला हॉकी टीम को अपनी कप्तानी में रियो ओलंपिक का टिकट दिलवाने वाली रीतू रानी को टीम से बाहर कर दिया गया है। बताया जाता है कि बुधवार देर शाम ही टीम के कोच ने रीतू को घर जाने के लिए कह दिया था।
हालांकि इस संबंध में रीतू रानी से बात नहीं हो पाई है, लेकिन उनके पिता जयपाल ने इस बात की पुष्टि की और कहा कि टीम के बाहर होने से रीतू का ओलंपिक खेलने का सपना चूर-चूर हो गया है। उसे उन बीस खिलाड़ियों की सूची में शामिल नहीं किया गया है, जिसमें से 12 जुलाई को अंतिम टीम का चयन किया जाना है।
जयपाल ने बताया कि मात्र 12 वर्ष की उम्र में ही रीतू ने हॉकी स्टिक को पकड़ा था और उसका सपना भारतीय महिला टीम को ओलंपिक में पहुंचाने का था। रीतू ने कड़ी मेहनत और अपने लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए भारतीय टीम का नेत़ृत्व किया और रियो ओलंपिक के लिए टीम को क्वालीफाई करवाया। रीतू को टीम में शामिल नहीं करने से क्षेत्र के हाकी प्रेमियों में भारी रोष है और उन्होंने हाकी इंडिया से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
12 जुलाई को होगी टीम घोषित
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष नरेंद्र बत्तरा ने फोन पर बताया कि उन्हें रीतू के टीम से बाहर होने का पता नहीं है। उन्होंने बताया कि आधिकारिक तौर पर टीम की घोषणा 12 जुलाई को दिल्ली में होगी। रीतू को कैंप से बाहर करने की बात पर बत्तरा ने कहा कि सभी खिलाड़ियों की कैंप की छुट्टी की गई है और पूरी टीम 11 जुलाई को दोबारा कैंप में पहुंचेगी।