नई एसओपी बनाई जा रही: मूल चंद
खान मंत्री मूल चंद शर्मा ने कहा कि अवैध खनन की रोकथाम और अवैध खनन के मामलों में सख्ती से निपटने के लिए खान और भूविज्ञान विभाग मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार कर रहा है। यदि आवश्यक हुआ तो मौजूदा नियमों में सख्त प्रावधान करने के लिए उपयुक्त संशोधन लाएंगे।
यह सुनिश्चित कर रहे हैं, कि खनन परिभाषित नियमों और विनियमों के अनुसार हो। राज्य में कोई संगठित अवैध खनन गतिविधि नहीं है, छिटपुट घटनाएं ही सामने आ रही हैं। अगस्त 2019 से जून 2022 तक गुरुग्राम व नूंह, फरीदाबाद, यमुनानगर और महेंद्रगढ़ जिलों में 4121 वाहनों को सीज किया है।
कोर्ट ने खनन पर रोक नहीं लगाई: शर्मा
कांग्रेस विधायक नीरज शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने खनन पर रोक नहीं लगाई है। छह महीने में खनन कार्यों की निगरानी के लिए समिति बनाने को कहा था, जो नहीं बनी। अवैध खनन तब बंद होगा, जब वैध होगा। मकान बनाने वाले कहीं न कहीं से पत्थर तो खरीदेंगे ही।
डंपर किस क्रशर का था, सरकार बताए: अभय
इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला ने कहा कि खनन माफिया का आतंक बेखौफ चल रहा है। जहां भी खनन का काम चलता है, वहां लगे क्रशर पर पत्थर ढोने वाले डंपरों का पंजीकरण होता है। हैरानी की बात है कि पुलिस आज तक उस डंपर का पता नहीं लगा पाई, जिसने डीएसपी को कुचला था। सरकार बताए वह किस डंपर के लिए काम करता था। पिछले चार साल में पुलिस पर हमले के 22 मामले हो चुके हैं। दिसंबर 2020 से मार्च 2022 के बीच खनन घटनाओं में 20 लोगों की मौत और 48 घायल हो चुके हैं।
खनन माफिया कर चुका ये हमले
- दिसंबर 2020 में खनन माफिया ने सिंचाई विभाग की टीम पर हमला किया
- फरवरी 2021 में फरीदाबाद में अवैध खनन रोकने गए पुलिस कर्मियों पर जानलेवा हमला, दो गंभीर
- मार्च 2021 में प्रवर्तन टीम पर जानलेवा हमला
- नवंबर 2021 में पुलिस कर्मियों पर हमला किया
- दिसंबर 2021 में नारायणगढ़ में खनन विभाग की टीम पर हमला
- मार्च 2022 में आरटीए विभाग के अधिकारी को जिंदा जला दिया गया