हथियारों की प्रदर्शनी करेगी आकर्षित
इस दौरान सेना के हथियारों की प्रदर्शनी लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र होगी। इसमें सेना के छोटे से लेकर बड़े हथियारों को पेश किया जाएगा, साथ ही उनकी खासियतें बताई जाएंगी कि किस प्रकार से वह दुश्मनों को खत्म करने की ताकत रखते हैं। साथ ही सेना से जुड़े इतिहास का साहित्य बुक स्टाल भी होंगे। वहीं, दो दिन तक भारतीय सेना के इतिहास को लेकर विभिन्न पैनल डिस्कशन होंगे। इसमें भारत की तीनों सेनाओं के रिटायर्ड अफसर और बहादुर सैनिक हिस्सा लेंगे। इसके अलावा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें मार्शल आर्ट से लेकर पंजाबी कल्चर और संगीत से परिपूर्ण कार्यक्रम होंगे।
ये होंगे शामिल
दो दिन तक चलने वाले कार्यक्रम को अलग-अलग सत्रों में रखा गया है। कार्यक्रम के अनुसार तीन दिसंबर को सुबह यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध पर मंथन होगा। इसमें मेजर जनरल हरविजह सिंह, ब्रिगेडियर सौरभ भटनागर, कर्नल अश्वनी शर्मा और मेजर जनरल आर पुष्कर शामिल होंगे। इनके साथ ही एडमिरल सुनील लांबा, वाइस एडमिरल अनूप सिंह, गिरिश लूथरा, अनिल चावला कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। चीन को लेकर लेफ्टिनेंट जनरल जेएस बाजवा, लेफ्टिनेंट अनिल आहुजा, डॉ. जबीन टी जैकेब, डॉ. संजीव कुमार विचार रखेंगे।