याचिकाकर्ता फैकल्टी के पदेन सदस्य हैं। 21 नवंबर को एक बार फिर यह प्रक्रिया शुरू की गई तो फैकल्टी की सूची में याचिकाकर्ताओं का नाम शामिल था। 31 दिसंबर को पीयू की कई फैकल्टीज के डीन और सचिवों का कार्यकाल खत्म होने जा रहा है। ऐसे में 24 नवंबर को पीयू प्रबंधन ने एक नोटिस जारी कर तीन दिसंबर को बैठक बुला ली। इस बैठक में चुनाव के एजेंडे पर चर्चा होगी।
याची ने बताया कि इस बैठक में दो याचिकाकर्ताओं को केवल इसलिए नहीं बुलाया गया, क्योंकि उनकी आयु 60 वर्ष से अधिक है। ऐसे में उनका नाम मतदाता सूची से बाहर कर दिया गया है। याची ने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के चलते सेवा में हैं। ऐसे में उनका नाम मतदाता सूची से बाहर करना गलत है। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को बैठक में शामिल होने की इजाजत देते हुए वीसी व रजिस्ट्रार को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।
तीसरे हफ्ते में हो सकते हैं चुनाव
पीयू में डीन फैकल्टी और सेक्रेटरी के लिए तीन दिसंबर को मतदान होना था। डीन चुनाव को लेकर प्रोफेसर लंबे समय से मांग कर रहे थे। पुटा चुनाव में भी डीन चुनाव का मुद्दा छाया रहा था। सूत्रों के अनुसार ये चुनाव दिसंबर माह के तीसरे हफ्ते में सिंडिकेट चुनाव के साथ करवाए जा सकते हैं। ये चुनाव अगले टर्म के लिए होंगे। डीन चुनाव में विभिन्न फैकल्टी के प्रोफेसर, सीनेटर और एडेड सदस्य मतदान करते हैं।
पीयू में फैकल्टी डीन का है ये काम
पंजाब यूनिवर्सिटी में डीन का शैक्षणिक स्तर पर विभागों में अहम योगदान रहता है। करिअर एडवांसमेंट स्कीम (कैश) प्रमोशन से लेकर विभागों में होने वाली शिक्षकों की भर्ती में डीन का होना जरूरी है। शिक्षकों की भर्ती, अकादमिक फैसलों, पीएचडी वाइवा आदि में फैकल्टी डीन की जिम्मेदारी अहम होती है।