बर्ड वॉचर विकास शर्मा ने बताया कि सुखना लेक में इस समय आईलैंड उभर आए हैं, जो पूरी तरह से प्राकृतिक हैं। पक्षियों की गिनती के दौरान उस पर कई सारे प्रवासी पक्षी रुडी शेल्डक देखे गए। आइसलैंड बहुत दिनों के बाद देखे गए हैं। धूप निकलने पर इन आइसलैंड पर पक्षी बैठकर धूप सेंकते हैं। इससे लोगों को पक्षियों के नजारे ज्यादा देखने को मिलेंगे।
ये दुर्लभ पक्षी भी देखे गए
प्रवासी पक्षियों के दौरान कई दुर्लभ पक्षी देखे गए, जो चंडीगढ़ में बहुत कम बार देखे गए हैं। इनमें एक पक्षी ट्री कापर है, जो पेड़ों में रहता है। पेड़ों की छाल से कीड़ों को निकालकर खाता है। ऊंचाई वाले स्थानों पर यह ज्यादा पाया जाता है। बर्ड वॉचरों ने रेड बिल्ड ब्लू मैग्पी नामक पक्षी भी देखा। इस पक्षी की लंबी पूंछ होती है और यह खूब जोर से आवाज निकालता है। यह भी ऊंची पहाड़ियों में पाया जाता है। यह मुख्य रूप से कौआ प्रजाति का होता है। तीसरा पक्षी ब्लू बीयर्ड बीईटर देखा गया है। यह अक्सर मधुमक्खी के छत्ते के पास पाया जाता है। यह मधुमक्खियों को खाता है।