चंडीगढ़ नगर निगम के आसपास तैनात पुलिस
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चंडीगढ़ मेयर चुनाव से पहले सियासी पारा गरमा गया है। कांग्रेस के मेयर पद के उम्मीवार जसबीर सिंह बंटी को अवैध बंधक बनाने के खिलाफ हाईकोर्ट में आधी रात को सुनवाई हुई।
हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ के पब्लिक प्रॉसिक्यूटर को मामले की जांच कर शाम पांच बजे तक कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। पार्षद जसबीर सिंह ने पहले चंडीगढ़ के मेयर के पद के लिए नामांकन किया था। आप से गठबंधन के बाद उन्होंने नाम वापस ले लिया था।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि जसबीर सिंह को पुलिस ने होटल में अवैध बंधक बना रखा हुआ है, उन्हें बाहर नहीं आने दिया जा रहा। सीनियर कांग्रेसी नेता हरमोहिंदर सिंह ने जसबीर सिंह को पुलिस द्वारा अवैध तरीके से बंधक बनाए जाने को लेकर हाईकोर्ट में हेबेस कोरपस याचिका दाखिल की थी।
देर रात एक बजे जस्टिस आलोक जैन ने इस याचिका पर सुनवाई कर चंडीगढ़ प्रशासन को नोटिस जारी किया है और चंडीगढ़ के पब्लिक प्रॉसिक्यूटर को आदेश दिए हैं कि वे मामले की जांच कर बुधवार शाम पांच बजे तक रिपोर्ट दें। अगर आरोप सही पाए गए तो तय कानून के तहत कार्रवाई करें।
वहीं कांग्रेस के कार्यकर्ता रात भर जसबीर सिंह बंटी के घर के बाहर खड़े रहे। पुलिस कर्मियों ने उन्हें बंटी के घर के अंदर जाने नहीं दिया। चंडीगढ़ यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मनोज लुबाना समेत अन्य कार्यकर्ताओं ने वहीं पर डेरा जमा लिया और रात गुजारी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के दबाव में पुलिस धक्केशाही कर रही है।
पूर्व मंत्री पवन बंसल पहुंचे बंटी के घर
पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री पवन कुमार बंसल बुधवार सुबह पार्षद जसवीर सिंह बंटी के घर पहुंचे। इस मौके पर जसबीर सिंह बंटी के पिता के साथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एचएस लक्की भी मौजूद रहे। कल रात में पवन कुमार बंसल को जसबीर सिंह बंटी से मिलने नहीं दिया गया था।