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1965 युद्ध: पाक हवाई हमले में रेलवेकर्मियों ने दिया था बलिदान, आज स्मारक पर जमी मिट्टी, कोई सुध लेने वाला नहीं

Tue, 20 Jun 2023 05:44 PM IST
ajay kumar अनिल कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजपुर (पंजाब)

सार

रेलवे से सेवानिवृत लोको पायलट डाल चंद का कहना है कि आठ सितंबर 1965 की भारत-पाक जंग के दौरान लोको शेड में शाम के वक्त इंजन मरम्मत व अन्य कार्य चल रहा था। देखते ही देखते पाकिस्तान जहाजों ने बमबारी शुरू कर दी थी।
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फिरोजपुर लोको शेड की खंडहर इमारत। इसी में लगा शहीद रेलवेकर्मियों के नाम का पत्थर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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1965 की जंग में पाकिस्तान के हवाई हमले में फिरोजपुर लोको शेड में तैनात कई कर्मचारियों ने अपना बलिदान दिया था। इसी जगह पर स्थित एक इमारत में बलिदानियों का स्मारक भी बनाया गया था। स्मारक पर उनके नाम और पद लिखे हैं। अब इस पर धूल-मिट्टी जमी है। नाम तक नजर नहीं आ रहे हैं। उधर, लोको शेड की इमारत खंडहर हो चुकी है। 

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स्मारक का यह हाल देख सेवानिवृत लोको पायलट कृष्ण लाल मरवाह (93) व डाल चंद (लगभग 70) का कहना है कि बमबारी में जान गंवाने वाले लोको शेड के कर्मी जवानों से कम नहीं हैं। ये भी उस समय फिरोजपुर से लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के लिए भाप इंजनों की मरम्मत कर रहे थे।

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कृष्ण लाल मरवाह और डाल चंद। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रेलवे से सेवानिवृत लोको पायलट डाल चंद का कहना है कि आठ सितंबर 1965 को भारत-पाक जंग के दौरान लोको शेड में शाम के वक्त इंजन मरम्मत व अन्य कार्य चल रहा था। देखते ही देखते पाकिस्तान जहाजों ने बमबारी शुरू कर दी थी। कुछ बम लोको शेड पर गिरे इसमें रेलवेकर्मी करतारा सिंह, मुलतानी राम (फ्यूल इश्यूअर), बनारसी दास (शेड क्लीनर) व हरि कृष्ण (इलेक्ट्रिशियन) की जान चली गई। 

डाल चंद ने कहा कि हम भी जवानों से कम नहीं हैं। जंग में जान गंवाने वालों की याद में डीआरएम या रेलवे स्टेशन परिसर में स्मारक का निर्माण कराया जाए, ताकि रेलवे में नौकरी करने आ रहे नए नौजवानों को भी इनके बारे में पता चल सके।

रेलवे लोको पायलट रहे कृष्ण लाल मरवाह (93) ने कहा कि उन्हें ज्यादा कुछ याद नहीं है। बस इतना ही पता है कि लोको शेड में बम गिरे थे और कुछ रेलवे कर्मियों ने जान गंवाई थी। उन्होंने बताया कि 1965 युद्ध के समय ट्रेन चलाकर फिरोजपुर के लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाने में जुटा था। रेल अधिकारी हमारे जैसे लोगों को भी पूछते नहीं है। 
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