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गौरव के पल: स्कॉटलैंड में बनेगा भारतीय सैनिकों का मेमोरियल, ग्लासगो सिटी काउंसिल ने दी मंजूरी

Sat, 31 Dec 2022 10:23 AM IST
ajay kumar सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)

सार

ग्लासगो के रहने वाले नरिंदर सिंह तूर का कहना है कि वह लंबे समय से स्कॉटलैंड में बसे हैं और सरकार के इस कदम से उनको कम से कम अपनी धरोहर व यादों से जुड़ने का मौका मिलेगा और आने वाली पीढ़ी को पता चलेगा कि भारतीय फौज की पहले व दूसरे विश्वयुद्ध में क्या भागीदारी रही थी।
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द्वितीय विश्व युद्ध में भारतीय वायुसेना - फोटो : wiki
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विस्तार
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स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में पहले और दूसरे विश्व युद्ध में लड़ने वाले भारतीय सैनिकों के लिए मेमोरियल बनेगा। इसमें दोनों विश्व युद्धों में ब्रिटेन की तरफ से लड़े 40 हजार से ज्यादा भारतीय सैनिकों के योगदान को दर्शाया जाएगा। ग्लासगो की लोकल काउंसिल ने मेमोरियल बनाने के प्लान को मंजूरी दे दी है। ग्लासगो सिटी काउंसिल अब मेमोरियल का डिजाइन फाइनल करने की तैयारियां कर रहा है। यह वॉर मेमोरियल केल्विनग्रोव नाम की एक आर्ट गैलरी और म्यूजियम के पास बनेगा।  

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इस फैसले से यूके में रहने वाले भारतीयों में उत्साह है। लंबे समय बाद यूके व स्कॉटलैंड उन भारतीय फौजियों की स्मारक तैयार करने जा रहा है, जिन्होंने दोनों विश्व युद्ध लड़े थे और 40 हजार से अधिक भारतीय फौजियों ने शहादत दी थी। 

यूके के सांसद तनमनजीत सिंह का कहना है कि यह एक बड़ा ऐतिहासिक पल है। ‘ग्लासगो सिटी काउंसिल’ ने हाल ही में इस योजना से जुड़े आवेदन को सशर्त मंजूरी दे दी है। इससे ‘केल्विनग्रोव आर्ट गैलरी एवं म्यूजियम’ के पास निर्मित किए जाने वाले इस स्मारक के डिजाइन को अंतिम रूप देने का रास्ता साफ हो गया है। यह स्मारक उन लाखों भारतीय सैनिकों की याद में निर्मित किया जाएगा, जिन्होंने दोनों विश्व युद्धों में ब्रिटिश सैनिकों के साथ मिलकर लड़ाई लड़ी थी।
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अपनी धरोहर व यादों से जुड़ने का मौका मिलेगा
ग्लासगो के रहने वाले नरिंदर सिंह तूर का कहना है कि वह लंबे समय से स्कॉटलैंड में बसे हैं और सरकार के इस कदम से उनको कम से कम अपनी धरोहर व यादों से जुड़ने का मौका मिलेगा और आने वाली पीढ़ी को पता चलेगा कि भारतीय फौज की पहले व दूसरे विश्वयुद्ध में क्या भागीदारी रही थी। नरिंदर सिंह का कहना है कि मेमोरियल में उन सिख और मुस्लिम सैनिकों का योगदान खासतौर पर दिखाया जाएगा जो दूसरे विश्वयुद्ध में कई के-6 फोर्स के हिस्सा थे। 

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