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यूटी एडवाइजर बोले- सुखना कैचमेंट एरिया पर हाईकोर्ट के आदेश को पढ़ने के बाद ही उठाएंगे कदम

Wed, 04 Mar 2020 11:24 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
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सुखना लेक
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यूटी प्रशासन के अधिकारी सुखना लेक के कैचमेंट एरिया को लेकर सोमवार को सुनाए गए हाईकोर्ट के आदेशों की कॉपी का इंतजार कर रहे हैं। एडवाइजर मनोज परिदा ने कहा कि आदेशों को पढ़ने के बाद आगे की कार्रवाई के लिए बैठक करेंगे। इस बारे में प्रशासक वीपी सिंह बदनौर और पंजाब-हरियाणा के मुख्यमंत्रियों से भी चर्चा की जाएगी।
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एडवाइजर मनोज परिदा ने बताया कि अभी उन्होंने अखबारों के माध्यम से ही आदेश के कुछ बिंदुओं को पढ़ा है। जो कमेटी बनाने की बात कही गई है, वह केवल चंडीगढ़ के स्तर की अलग कमेटी होगी या फिर पंजाब-हरियाणा के साथ मिलकर बनाई जानी है। इस मामले में पूरे आदेश को पढ़ने के बाद ही आगे बढ़ा जा सकता है।

उधर, प्रशासन के कई अधिकारी ये भी कह रहे हैं कि मामला सुप्रीम कोर्ट में जाना तय है। वहीं, कुछ का कहना है कि मामला एडवाइजरी काउंसिल में भी उठ सकता है। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ तीनों जगहों के लोगों ने सुखना कैचमेंट एरिया में निर्माण किया हुआ है।
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9 से 10 हजार या इससे भी ज्यादा निर्माण इस एरिया में हो सकते हैं। ऐसे में जल्दबाजी में कोई भी कदम उठाना सही नहीं होगा। जहां तक कमेटी के निर्माण की बात है तो वह हाईकोर्ट के निर्णय अनुसार तय कर दी जाएगी जो आसपास हुए अवैध निर्माणों की जानकारी हासिल करेगी।

लाल डोरे के अंदर हुए निर्माण कैचमेंट में होने के बावजूद भी नहीं गिराए जाएंगे
हाईकोर्ट के आदेशों के बाद कई गंभीर स्थितियां पैदा हो गई हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण यह है कि शहर में कई मकान ऐसे हैं जो लाल डोरे के अंदर बने हैं लेकिन सुखना कैचमेंट एरिया के अंदर आते हैं। अब जब कैचमेंट में आने वाले निर्माण को गिराने के आदेश दिए गए हैं तो उन निर्माणों का क्या होगा, इसको लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है।

हालांकि चंडीगढ़ प्रशासन की दलील है कि लाल डोरे में जो मकान हैं और अगर वह सुखना कैचमेंट एरिया में भी पड़ रहे हैं तो इन मकानों को गिराया नहीं जा सकता। तर्क है कि लाल डोरे की सीमा भी तो कानून के तहत ही तय हुई है। लाल डोरे में मकान बनाने की परमिशन होती है, लिहाजा तभी तो लाल डोरा तय होता है।
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सुखना कैचमेंट एरिया में आने वाले स्ट्रक्टचर की एसडीएम से मांगी रिपोर्ट

सुखना कैचमेंट एरिया को लेकर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से दिए गए फैसले के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह से हरकत में आ गया है। इसी मामले को लेकर आफिशिएटिंग डीसी आशिका जैन ने एडीएम खरड़ से रिपोर्ट मांगी है। इसके साथ ही पूछा है कि सुखना कैंचमेंट के एरिया में कितने स्ट्रक्चर आ रहे हैं। इसके साथ ही कितनी इमारतों के प्लान अप्रूवड हैं। वहीं, उन्होंने साफ किया है कि हाईकोर्ट ने जो आदेश दिए हैं प्रशासन की ओर से उसे लागू किया जाएगा। उन्होंने लोगों से भी सहयोग की अपील की है।

मिली जानकारी के मुताबिक जिला प्रशासन की तरफ से सुखना कैचमेंट एरिया को लेकर हाईकोर्ट द्वारा दिए गए फैसले के बाद मंगलवार को अधिकारियों की एक अहम मीटिंग हुई। इसमें तय किया गया कि हाईकोर्ट के फैसले पर उस संबंधी अब लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसके लिए नगर काउंसिल नयागांव के ईओ को आदेश दिया गया है कि फैसले संबंधी लोगों को मुनादी करवाकर जागरूक करवाया जाए। यह भी तय किया गया कि इलाके में किसी भी तरह का अवैध निर्माण न हो पाए।

इस बात पर भी नगर काउंसिल नयागांव की टीम नजर रखेगी। इसके साथ ही एसडीएम खरड़ को आदेश दिए गए हैं कि वह रिपोर्ट तैयार करें कि सुखना कैचमेंट के एरिया में बनी बिल्डिंगों का रिकॉर्ड तैयार करें और यह उक्त एरिया में जिन बिल्डिंग में प्लान अप्रूवड है। उनकी भी रिपोर्ट बनाकर तुरंत सौंपी जाए। जिससे इस काम को सिरे चढ़ाया जा सके। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि उनकी तरफ से हाईकोर्ट की तरफ से जो आदेश दिए गए हैं उनका हर हाल में पालन किया जाएगा।

बता दें कि पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सुखना कैचमेंट एरिया के संबंध में सोमवार को अहम फैसला सुनाया था। इसमें नयागांव के मास्टर प्लान को जहां फैसला दिया है। इतना ही सुखना कैचमेंट को हुए नुकसान के लिए हाईकोर्ट ने पंजाब, हरियाणा पर 100-100 करोड़ का जुर्माना लगाया था। इतना ही नहीं कैचमेंट एरिया में निर्माण को मंजूरी देने वाले अधिकारियों के खिलाफ जांच के लिए एसआईटी गठित करने के निर्देश दिए हैं।
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