विधायक डॉ. मिड्ढा खड़े रह गए। उन्होंने पीछे से दूसरी कुर्सी लेनी चाही लेकिन इसके लिए जगह नहीं बन पाई। इस पर वे मीटिंग से चले गए। इस दौरान कष्ट निवारण समिति के सदस्य रामफल शर्मा किसी विषय पर बात रख रहे थे। अपनी बात पूरी करते ही वे और भाजपा के तमाम समिति सदस्य सदन से उठ गए। इस पर मंत्री ने उनसे पूछा तो रामफल शर्मा ने गुस्से से कहा कि उनके विधायक को ही जगह नहीं मिली तो वे क्या करेंगे। इस पर खुद मंत्री अनूप धानक गए और मिड्ढा को मनाकर वापस लाए। हालांकि मीटिंग के बाद मंत्री अनूप धानक ने मिड्ढा के घर जलपान भी किया।
भाजपा नेताओं ने की नारेबाजी
मिड्ढा के बाहर जाने के बाद भाजपा समर्थक कष्ट निवारण समिति के सदस्यों ने मंत्री अनूप धानक के खिलाफ नारेबाजी की। इन लोगों ने कहा कि वे मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मांग करेंगे कि जींद में कष्ट निवारण समिति का चेयरमैन बदला जाए।
विधायक ने साधी चुप्पी, मंत्री बोले- किसी काम से गए थे
इस पूरे मामले में विधायक डॉ. मिड्ढा ने चुप्पी साध ली। हालांकि उनसे इस बारे में पूछा गया, लेकिन मिड्ढा मीटिंग समाप्त होने से पहले ही निकल गए। वहीं मीटिंग के बाद पत्रकारों से बातचीत में मंत्री अनूप धानक ने कहा कि कष्ट निवारण समिति के सदस्यों को गलतफहमी हुई, जिसके कारण यह मामला हुआ। मंत्री के अनुसार विधायक डॉ. मिड्ढा जरूरी काम से गए थे। जब उनसे फोन पर बात की गई तो उन्हें बुला लिया गया।