फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

करतारपुर कॉरिडोरः बिना वीजा 5000 श्रद्धालु कर सकेंगे दर्शन, पर 1400 वसूलने की शर्त हुई नामंजूर

Thu, 05 Sep 2019 01:06 AM IST
खुशबू गोयल अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब)

सार

  • पाकिस्तान ने श्रद्धालुओं के साथ प्रोटोकाल अधिकारी के जाने की मांग ठुकराई।
  • पाकिस्तान के अड़ियल रवैये के कारण दोनों देशों के बीच फाइनल ड्राफ्ट पर नहीं बनी सहमति।
  • पूरा साल खुला रहेगा करतारपुर कॉरिडोर।
विज्ञापन
भारत और पाकिस्तान में वार्ता - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जम्मू-कश्मीर में विशेष राज्य का दर्जा समाप्त करने के बाद पाकिस्तान के साथ जारी तनाव के बीच बुधवार को पंजाब के अटारी बॉर्डर से आपसी सौहार्द की खबर आई है। भारत-पाकिस्तान के बीच बुधवार को हुई संयुक्त सचिव स्तरीय बैठक में तय हुआ कि अब गुरुद्वारा करतारपुर साहिब जाने के लिए भारतीय श्रद्धालुओं को वीजा लेने की जरूरत नहीं होगी। गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव एससीएल दास ने बताया कि प्रतिदिन 5000 श्रद्धालुओं को गलियारे से पाकिस्तान में प्रवेश दिया जाएगा।
विज्ञापन


यह गलियारा पूरे साल, सातों दिन खुला रहेगा और श्रद्धालु जब चाहें करतारपुर साहिब के दर्शन करने जा सकेंगे। उन्हें बस एक परमिट लेना होगा। उन्होंने बताया कि विदेशी नागरिकता वाले भारतीय मूल के श्रद्धालु भी इस रास्ते से बिना वीजा के गुरुद्वारे के दर्शन करने जा सकेंगे। हालांकि पूरे मसौदे को लेकर दोनों देशों में अब भी कुछ मतभेद हैं, जिन पर अगली बैठक हो सकती है। पाकिस्तान श्रद्धालुओं से सेवा शुल्क वसूलना चाहता था, जिसका भारत ने विरोध किया। वहीं पाकिस्तान ने भारत को गुरुद्वारा करतारपुर साहिब में काउंसलर व प्रोटोकॉल सुविधा देने से इनकार कर दिया है।

करतारपुर गलियारे को लेकर दोनों पक्षों के बीच यह तीसरे दौर की बातचीत थी। इस दौरान पाकिस्तान से 15 सदस्यों वाला एक प्रतिनिधिमंडल वाघा बॉर्डर के रास्ते अटारी पहुंचा। विशेष पर्व और आयोजनों पर यह क्षमता बढ़ाई भी जा सकती है। करतारपुर साहिब गुरुद्वारे की स्थापना सिखों के पहले गुरुर गुरु नानक देव जी ने 1522 में की थी। यह गलियारा पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा करतारपुर साहिब और भारत के गुरदासपुर में डेरा बाबा नानक साहिब को जोड़ेगा।
विज्ञापन

दस दिन पहले भेजी जाएगी श्रद्धालुओं की सूची

पाकिस्तान को श्रद्धालुओं की सूची दस दिन पहले भेजी जाएगी। जिस पर पाकिस्तान सरकार इस पर यात्रा शुरू होने से चार दिन पहले बताएगी कि किस यात्री को अनुमति मिली और किसे नहीं। श्रद्धालु को उसी दिन दर्शन कर वापस लौटना होगा। यात्रा के लिए केवल पासपोर्ट की जरूरत होगी। गलियारा सुबह नौ बजे से रात दस बजे तक खुला रहेगा। दोनों देश श्रद्धालुओं के लिए एक पोर्टल तैयार करेंगे जिस पर श्रद्धालु यात्रा के लिए आवेदन दे सकेंगे।

रावी दरिया पर बाद में बनेगा
दास ने बताया कि करतारपुर गलियारे के उद्घाटन में कम समय बाकी रहने के कारण पाकिस्तान धुस्सी बांध के साथ बहने वाले रावी दरिया पर पुल का निर्माण बाद में करेगा। पुल बनने तक सर्विस रोड से आवाजाही होगी। भारत द्वारा सीमा पर बनाये जा रहे पुल के साथ ही पाकिस्तान पुल को जोड़ा जाएगा।

15 हजार तीर्थयात्रियों के लिए यात्री टर्मिनल बनेगा
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी दीपक मित्तल ने बताया की करतारपुर जाने वालों के लिए एक यात्री टर्मिनल बनाया जारा है जिसमें 15 हजार यात्रियों को एक साथ शेल्टर देने की क्षमता होगी। यह टर्मिनल अक्तूबर के अंत तक बन कर तैयार हो जाएगा। 

गलियारे का 90 फीसदी काम पूरा: फैसल

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता व सार्क देशों के महानिदेशक मोहम्मद फैसल ने बैठक में हिस्सा लेने से पहले वाघा बॉर्डर पर कहा कि गलियारे का 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। पाकिस्तान ने अगले दौर की बैठक के लिए भारतीय अधिकारियों को पाकिस्तान आने का न्योता दिया है।

550वें प्रकाशोत्सव पर नवंबर में खुलेगा गुरुद्वारा
नवंबर में सिख गुरु गुरुनानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव के मौके पर करतारपुर गलियारे का शुभारंभ होगा। इस मौके पर भारतीय श्रद्धालु दर्शन करने करतारपुर साहिब जाएंगे।

73 साल में पहला वीजा मुक्त द्वार
भारत-पाकिस्तान की आजादी के 73 साल बाद करतारपुर गलियारा पहला ऐसा रास्ता है जहां से पाकिस्तान जाने के लिए वीजा लेने की जरूरत नहीं होगी। दोनों देशाें ने पिछले साल नवंबर में गुरुनानक देव के अंतिम स्थल करतारपुर स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब को गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक से जोड़ने के लिए गलियारा बनाने की पहल की थी।

इस गलियारे का करतारपुर साहिब से भारतीय सीमा तक का हिस्सा पाकिस्तान बनाएगा वहीं भारतीय सीमा से डेरा बाबा नानक तक का हिस्सा भारत सरकार को बनाना है। करतारपुर साहिब और डेरा बाबा नानक पीर के बीच चार किलोमीटर का फासला है।

पाकिस्तान ने करतारपुर कॉरिडोर के रास्ते से गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं से 20 अमेरिकन डॉलर (लगभग 1400 रुपये) यात्रा फीस वसूलने व वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों व बीमार श्रद्धालुओं को यात्रा के समय किसी भी संभावित समस्या के निपटारे के लिए एक प्रोटोकाल अधिकारी को साथ जाने की शर्त को अस्वीकार कर दिया है। इससे दोनों देशों के बीच करतारपुर कॉरिडोर पर फाइनल ड्राफ्ट पर सहमति पर हस्ताक्षर नहीं हो सके। पाकिस्तान सरकार के इस अड़ियल रवैये के बावजूद इन दोनों मुद्दों पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।

विदेश मंत्रालय के अधिकारी एससीएल दास ने बताया की करतारपुर कॉरिडोर धार्मिक आस्था के साथ जुड़ा है। यात्रा बिना फीस के हो भारत सरकार इसके प्रयास जारी रखेगी। भारत सरकार ने पाकिस्तान सरकार की यात्रा फीस की वसूली की बात को अस्वीकार करते हुए स्पष्ट कर दिया की दुनिया भर में निर्मित धार्मिक कॉरिडोर में फीस वसूली का कोई भी प्रावधान नहीं है।

अटारी सीमा पर स्थित बीएसएफ कांफ्रेंस हल में भारत-पाकिस्तान अधिकारियों के बीच तीन घंटे से अधिक चली इस बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया की पाकिस्तान में बैठे आतंकवादी संगठन समूह श्री करतारपुर साहिब के दर्शनों को जाने वाले श्रद्धालुओं को भारत विरोधी गतिविधियों में रोकना व श्रद्धालुओं को सुरक्षा देनी पाकिस्तान सरकार की जिम्मेदारी होगी। श्

रद्धालुओं की सुरक्षा पर कोई भी समझौता नहीं होगा। पत्रकार वार्ता में दास ने कहा की करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की एक सूची पाकिस्तान को दस दिन पहले भेजी जाएगी। पाकिस्तान सरकार इस सूची को यात्रा शुरू होने से चार दिन पहले अपनी सहमति देगी। पाकिस्तान बताएगा की किस यात्री को उन्होंने यात्रा की आज्ञा दी है, किसे रोका गया है।

केंद्र व पंजाब सरकार श्री करतारपुर साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक  पब्लिक पोर्टल बना रही है। श्रद्धालु इस पोर्टल में अप्लाई करेगा। यात्रा के लिए केवल पासपोर्ट की जरूरत होगी। जिन विदेशी भारतीयों के पास ओसीआई कार्ड है, वह भी इस रास्ते से करतारपुर साहिब जा सकते है।

दोनों देशों के बीच हुई सहमति के अनुसार कोई भी भारतीय नागरिक चाहे वह किसी भी धर्म का हो करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए जा सकता है। श्रद्धालु कितनी बार दर्शनों के लिए जाएगा इस पर कोई भी प्रतिबंध नहीं है। इससे पूर्व पाकिस्तान से 21 सदस्यीय  शिष्टमंडल विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ  मोहम्मद फैसल की अगवाई में अटारी सीमा पर पहुंचा। भारतीय अधिकारियों के पाकिस्तान से आए शिष्टमंडल का स्वागत किया।

 

गुरुपर्व व अन्य दिवसों पर अधिक श्रद्धालु भेजने पर बनी सहमति

दास ने बताया की करतारपुर कॉरिडोर पूरा वर्ष खुला रहेगा। प्रतिदिन पांच हजार श्रद्धालु करतारपुर साहिब दर्शनों के लिए जा सकेंगे। पाकिस्तान सरकार ने  गुरुपर्व, ऐतिहासिक दिवसों व बैसाखी पर्व पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ाने पर सहमति दी है। पाकिस्तान ने स्वीकार किया है की वह इन अवसरों पर कितने श्रद्धालुओं को करतारपुर साहिब में सुविधाएं दे सकते है, उसकी क्षमता को देख कर श्रद्धालुओं की संख्या बड़ा दी जाएगी। दोनों देश यात्रियों की संख्या को कैसे संभाला जाए इस पर एक मॉक एक्सरसाइज भी होगी। श्रद्धालु जिस दिन दर्शनों के लिए जाएगा, उसे उसी दिन लौटना होगा। कॉरिडोर सुबह नो बजे से रात दस बजे तक खुला रहेगा। करतारपुर साहिब जाने वाले हर श्रद्धालु का नाम एक रजिस्टर पर दर्ज होगा। उसके बाद उसकी जांच होगी। तभी वह दर्शनों के लिए जा पायेगा।

पाकिस्तान रावी दरिया पर बाद में बनाएगा पुल
दास  ने बताया की इस बैठक में धुस्सी बांध के साथ बहने वाले रावी दरिया पर पुल के निर्माण का मामला भी पाकिस्तान अधिकारीयों के समक्ष उठाया गया।पाकिस्तान ने यहां पर पुल निर्माण की सहमति दी है।चूंकि,करतारपुर कॉरिडोर के उद्धघाटन में काम समय बच्चा है,इसलिए पाकिस्तान सरकार ने इस पुल के निर्माण को बाद में पूरा करने का आश्वाशन दिया है।अब दोनों देश धुस्सी बांध के साथ एक सर्विस लेन का निर्माण करेंगें।भारत द्वारा सीमा के इस पर बनाये जा रहे पुल के साथ ही पाकिस्तान पुल को जोड़ा जायेगा।

पाकिस्तान करतारपुर साहिब में लंगर-प्रसाद की करेगा व्यवस्था
 पाकिस्तान सरकार ने भारत की इस तजवीज को भी स्वीकार कर लिया है की श्री करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए लंगर-प्रसाद की व्यवस्था की जाएगी। यह लंगर सुबह से देर रात खुला रहेगा। लंगर गुरु मर्यादा के अनुसार तैयार होगा। बैठक में पाकिस्तान रेंजर व बीएसएफ के बीच एक हॉट लाइन स्थापित करने का निर्णय किया गया। आपातकालीन स्थिति पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा कैसे की जाएगी, इस पर भी सहमति बनी। बैठक में डेरा बाबा नानक से लेकर करतारपुर साहिब तक सुरक्षा चौकियों की संख्या पर भी सहमति बनी है।

 
विज्ञापन

15 हजार तीर्थयात्रियों के लिए होगा यात्री टर्मिनल

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी दीपक मित्तल ने बताया की भारतीय सीमा पर निर्माणाधीन करतारपुर कॉरिडोर का काम तेजी से चल रहा है। डेरा बाबा नानक की सड़क को नेशनल हाईवे के साथ जोड़ने वाली सड़क का निर्माण 30 सितंबर तक पूरा हो जाएगा। यात्री टर्मिनल का निर्माण तेजी से चल रहा है। यह टर्मिनल 15000 यात्रियों को एक साथ शेल्टर देने की क्षमता का होगा।

यह टर्मिनल अक्टूबर के अंत तक बन कर तैयार हो जाएगा। टर्मिनल व सड़क निर्माण के कार्यों की समीक्षा एक उच्च स्तरीय कमेटी प्रतिदिन कर रही है ।भारत व पंजाब सरकार इस बात को लेकर आश्वस्त है की करतारपुर कॉरिडोर का निर्माण तय तारीख के अनुसार हो जाएगा। इस अवसर पर करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण कार्यों का एक वीडियो भी दिखाया गया।

भारत लचीलापन दिखाता तो फाइनल ड्राफ्ट पर हस्ताक्षर हो जाते: डॉ. फैसल
पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ. मोहम्मद फैसल ने कहा कि बुधवार को पाकिस्तान और भारत के बीच करतारपुर कॉरिडोर पर आयोजित तीसरे दौर की वार्ता का माहौल सकारात्मक था। इसके बावजूद कश्मीर पर कब्जे की स्थिति को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव व्याप्त था। डॉ. फैसल ने कहा यह बैठक करतारपुर कॉरिडोर पर केंद्रित थी। एक ट्वीट में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने करतारपुर कॉरिडोर पर 90 फीसदी काम पूरा कर लिया है।

उन्हें विश्वास है नवंबर 2019 में कॉरिडोर खुल जाएगा। उन्हें उम्मीद है कि गलियारे के बारे में समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। बैठक में पाकिस्तान का रुख काफी लचीला था। भारत की ओर से थोड़ा लचीलापन दिखता तो फाइनल ड्राफ्ट पर हस्ताक्षर हो जाते। एफओ के प्रवक्ता ने बताया कि पाकिस्तान इस महीने एक मीडिया यात्रा की व्यवस्था करने की योजना बना रहा है ताकि मीडिया करतारपुर कॉरिडोर में हुए निर्माण कार्यों की प्रगति को देख सकें।

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें