पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ के दावे पर केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में यह नया नहीं है। जब नेहरू जी (कांग्रेस) अध्यक्ष बने थे तो सभी ने पटेल जी का समर्थन किया, उनका नहीं। अगर पटेल जी का सम्मान नहीं किया गया था तो आप जाखड़ के लिए इसकी उम्मीद कैसे कर सकते हैं।
क्या है मामला
दरअसल, कांग्रेस प्रचार कमेटी के अध्यक्ष सुनील जाखड़ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में जाखड़ दावा कर रहे हैं कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के बाद 42 विधायकों ने उनके समर्थन में वोट किया था। जबकि नवजोत सिंह सिद्धू को छह और मौजूदा सीएम चरणजीत सिंह चन्नी को दो विधायकों का साथ मिला था। डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा को 16 और कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी परनीत कौर का 12 विधायकों ने समर्थन किया था।
अचानक चन्नी को मिली सीएम कुर्सी
बता दें कि राजनीतिक उठापटक के बीच चरणजीत सिंह चन्नी को अचानक पंजाब का सीएम बनाया गया था। जबकि शुरुआत में उनका नाम रेस में भी नहीं था। बकौल सुनील जाखड़ उन्हें राहुल गांधी ने डिप्टी सीएम का पद ऑफर किया था। हालांकि उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। अब भाजपा इसे सुनील जाखड़ के अपमान से जोड़कर देख रही है। मीनाक्षी लेखी ने त्वरित प्रतिक्रिया देकर सुनील जाखड़ व सरदार वल्लभ भाई पटेल के सहारे कांग्रेस पर निशाना साधा है।