डियाकिन यूनिवर्सिटी ऑस्ट्रेलिया के प्रो.जगत कंवर ने ऐसी ड्रग्स तैयार की हैं जो लीवर की गंभीर बीमारियों पर रामबाण साबित होंगी। उनकी ड्रग्स सिर्फ मरीज के शरीर में सिर्फ उसी जगह पर असर करेगी जहां बीमारी का टिश्यू है। इनसे शरीर के बाकी अंगों को कोई नुकसान नहीं होगा।
भारतीय मूल के प्रो.कंवर ने अपनी इस रिसर्च का पेटेंट भी करवा लिया है। उन्होंने इस संबंध में पीजीआई के साथ करार भी किया है और इन दिनों उनकी रिसर्च का पीजीआई में प्रयोग चल रहा है।
वे इसे इंडो-ऑस्ट्रेलियन ड्रग्स बता रहे हैं। पीजीआई में नॉर्थ-वेस्ट चैप्टर ऑफ इंडियन एकेडमी ऑफ ट्रॉपिकल पैरासिटोलॉजी की पहली कांफ्रेंस का आयोजन हुआ। यहां प्रो.कंवर ने अपनी रिसर्च पर प्रेजेंटेशन दी।
प्रो.कंवर का दावा है कि ये दवाएं लीवर, ब्रेस्ट और कोलोन कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों में काफी कारगर साबित होंगी। इन्हें कुछ इस तरह से तैयार किया जा रहा है कि इन्हें रोजाना की बजाय हफ्ते में दो बार या फिर दो हफ्ते में एक बार लेने की जरूरत पड़ेगी।
प्रो.कंवर ने बताया कि इन ड्रग्स को नैनो पार्टिकल्स की मदद से तैयार किया गया है। पिछले 4 सालों से वह इस रिसर्च में जुटे हुए थे।
डायरिया और टायफाइड में भी असरदार
प्रो.कंवर का कहना है कि मलेरिया, डायरिया और टाइफाइड जैसी बीमारियों में भी उनकी दवाएं असरदार होंगी। उन्होंने कहा कि बच्चों में डायरिया काफी गंभीर समस्या है और अपने देश में बहुत बड़ी संख्या में बच्चे इस बीमारी का शिकार होते हैं। अभी जो दवाएं हैं उनसे कई तरह के साइड इफेक्ट का भी खतरा रहता है, लेकिन उनकी ड्रग्स से ऐसी कोई समस्या नहीं होगी।