अगर सब कुछ ठीक रहा तो अल्जाइमर से किसी की याद्दाश्त नहीं जाएगी। पंजाब यूनिवर्सिटी की छात्रा डॉ. आरती सिंह को रिसर्च के जरिए बड़ी सफलता मिली है। वह वर्तमान में आइसर मोगा में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि अल्जाइमर को लेकर एनिमल स्टडी पूरी हो गई है। अब ह्यूमन स्टडी के लिए प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है।
इस रिसर्च को आगे बढ़ाने के लिए जेब्रा और फिश में भी एक शोध कार्य चल रहा है। पीयू के यूआईपीएस विभाग में डॉ. आरती सिंह ने रिसर्च किया है। उनका कहना है कि ब्रेन में एमुलाइड रसायन की अधिकता होती है। जब वह जमा होता जाता है और धीरे धीरे उम्र बढ़ती है तो याद्दाश्त जाने लगती है।
इससे पहले माइटोकॉन्ड्रियल डिसफंक्शन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस होता है। यह बढ़कर मेमोरी लॉस में बदल जाता है। इसके कारणों का पता लगाने के लिए भी लंबे समय तक रिसर्च किया गया।